Big Breaking:-Chardham Yatra: ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर 23 भूस्खलन व भूधंसाव जोन, इनका ट्रीटमेंट शुरू

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 23 भूस्खलन व भूधंसाव जोन का स्थायी ट्रीटमेंट शुरू हो गया है। लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से रॉक एंकरिंग, शॉर्टक्रीट और गेविन वॉल जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य चारधाम यात्रा से पहले इन संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित बनाना है। एनएच और टीएचडीसी के सर्वेक्षण के बाद भारत सरकार ने इन कार्यों को मंजूरी दी थी।

श्रीनगर गढ़वाल1 चारधाम यात्रा के लाइफ लाइन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 23 भूस्खलन व भूधंसाव जोन का राक एंकरिंग, शार्टकिट और गेविन वाल सहित अन्य तकनीकी की मदद से स्थायी ट्रीटमेंट शुरू हो गया है।

इस कार्य पर लगभग 115 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, व्यासी सहित अन्य कई जगहों पर पहले से चल रहे सुधारीकरण कार्यों को आगामी यात्रा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

करीब 295 किमी लंबे ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर बीते वर्ष बरसात से ब्रह्मपुरी से देवप्रयाग और देवप्रयाग से स्वीत पुल श्रीनगर तक 23 जगहों पर नये भूस्खलन जोन बन गए थे। एनएच द्वारा टीएचडीसी की मदद से इन सभी प्रभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर गहन सर्वेक्षण किया था।

टीएचडीसी विशेषज्ञों के सर्वे के आधार पर एनएच ने स्थायी सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजे। इन प्रस्तावों को बीते वर्ष ही भारत सरकार से सैद्धांतिक व वित्तीय स्वीकृति मिल गई थी।

इसके बाद, एनएच ने सभी चिन्हित भूस्खलन व भूधंसाव जोन के सुधारीकण के लिए टेंडर आमंत्रति किए थे। सभी कार्यवाही पूरी होने के बाद अब सुधारीकरण कार्य शुरू हो गया है।

भारत सरकार ने इन कार्यों के लिए 115 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इन भूस्खलन जोन में शिवपुरी से देवप्रयाग तक 8 और देवप्रयाग से स्वीत पुल तक 5 भूस्खलन जोन चिन्हित हैं।

इसके अलावा स्वीत पुल से रुद्रप्रयाग केदारनाथ तिराहा तक भी 6 अन्य भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाना है। सभी जगहों पर कार्यदायी संस्था द्वारा स्थायी सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड श्रीनगर गढ़वाल के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह चौहान ने बताया कि फरासू भूस्खलन पर सुधारीकरण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। यहां बरसाती नाले से सड़क को बचाने के लिए गेविन वाल भी तैयार की जाएगी।

हरसंभव प्रयास होगा कि चारधाम यात्रा शुरू होने तक प्रभावित जगह पर निचली तरफ सुरक्षा दीवार तैयार कर दी जाए। उन्होंने बताया कि चमधार, डुंगरीपंथ, नरकोटा भूस्खलन जोन का कार्य शुरू हो चुका है।

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