
चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही सीमित रहेगी। परिवहन विभाग ने पहाड़ी मार्गों पर दुर्घटनाओं और जाम से बचने के लिए यह सख्त नियम लागू किया है।
देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान इस बार वाहनों की आवाजाही पूरी तरह समयबद्ध रहेगी। परिवहन विभाग ने यात्रा मार्ग पर वाहनों के संचालन का समय सुबह चार बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित कर दिया है।
तय समय के बाद किसी भी वाहन को पर्वतीय मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चालक निर्धारित समय के बाद भी यात्रा मार्ग पर संचालन का दबाव बनाता है तो संबंधित वाहन तत्काल सीज किया जाएगा।
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने सभी चेकपोस्ट, थाना-चौकियों और परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि समय-सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए।
विभाग का मानना है कि रात के समय पहाड़ी मार्गों पर दुर्घटना और जाम की आशंका अधिक रहती है। इसलिए यात्रा को नियंत्रित समय में संचालित किया जाएगा।
चारधाम यात्रा के कपाट 19 अप्रैल अक्षय तृतीया से खुलने शुरू होंगे। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने तकनीकी मानक भी तय कर दिए हैं।
यात्रा मार्ग पर वही बसें चल सकेंगी जिनकी अधिकतम ऊंचाई चार मीटर और चौड़ाई 2570 मिलीमीटर होगी। तकनीकी रूप से फिट वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
अनुभवी चालकों को ही यात्रा मार्ग पर वाहन संचालन की अनुमति मिलेगी। बाहरी राज्यों से आने वाले चालकों को पहाड़ी मार्ग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
चालक का मेडिकल फिट होना अनिवार्य किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत पाए जाने पर वाहन संचालन से रोका जाएगा।
यात्रा मार्ग पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर, फर्स्टएड बाक्स और अन्य सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य होगा।
फर्स्टएड बाक्स में एक्सपायरी दवा मिलने पर चालान किया जाएगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल से अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिदिन 110 बसों को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर परिवहन निगम, सिटी बसों और स्कूल बसों को भी लगाया जाएगा।
इन बसों को नहीं मिलेगी अनुमति
4500 मिलीमीटर से अधिक व्हील बेस और 2570 मिलीमीटर से अधिक चौड़ाई वाली बसों को चारधाम मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों को हरिद्वार और ऋषिकेश में ही रोका जाएगा। वहां से यात्रियों को छोटे वाहनों से आगे भेजा जाएगा।
चालक के लिए ये शर्तें अनिवार्य
- चालक को जूते पहनकर वाहन चलाना होगा
- मेडिकल फिटनेस जरूरी
- बाहरी चालकों को मार्ग प्रशिक्षण
- अनुभवी चालक को ही अनुमति
चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों के संचालन का समय सुबह चार बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। तय समय के बाद किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई चालक दबाव बनाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वाहन की ऊंचाई और चौड़ाई के मानक भी अनिवार्य रूप से लागू किए जाएंगे।
संदीप सैनी, आरटीओ (प्रशासन)









