
व्यावसायिक सिलिंडर के दाम बढ़ने से रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर संकट गहरा गया है।
रुड़की। व्यावसायिक सिलिंडर के दाम 2078 से बढ़कर 3128 रुपये हो जाने के साथ ही घरेलू रसोई गैस पर भी संकट के बादल छाने की आशंका है।
एजेंसियों की ओर से पुराना बैकलाग ही खत्म नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि एजेंसी पर पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं, रसोई गैस का दुरुपयोग भी लगातार जारी है।
रुड़की शहर व देहात क्षेत्र की बात की जाए तो चांद गैस एजेंसी का बैकलाग इस समय 2719 चल रहा है तो छवि गैस एजेंसी पर 1700 का बैकलाग चल रहा है।
दीपाली गैस एजेंसी 2250, देवभूमि पर 1233, एकता गैस एजेंसी पर 4000, सावित्री पर तीन हजार, मंगलौर में 3618, झबरेड़ा में 3558 का बैकलाग चल रहा है।
एक दिन में गैस एजेंसी पर 440 गैस सिलिंडर ही गोदाम पर पहुंच रहे हैं, जबकि एक दिन में करीब 500 की बुकिंग हो जा रही है।
स्थिति यह है कि रुड़की शहर में ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी में एक सप्ताह से लेकर 10 दिन का समय लग रहा है। लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
वहीं, व्यावसायिक सिलिंडर महंगा होने के चलते अब घरेलू गैस का दुरुपयोग बढ़ने की और आशंका बढ़ गई है।
पहले से ही रुड़की, भगवानपुर एवं झबरेड़ा क्षेत्र में घरेलू गैस का दुरुपयोग हो रहा है। ब्लैक मार्केंट में एक घरेलू सिलिडंर ढाई हजार रुपये कीमत में मिल रहा है।
हालांकि, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि रसोई गैस की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।
संबंधित कंपनियों एवं खाद्य आपूर्ति विभाग को बैकलाग कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दुरुपयोग रोकने को छापामार कार्रवाई भी की जा रही है।









