
कार्बेट पार्क के ढेला रेस्क्यू सेंटर में सबसे उम्रदराज बाघ विक्रम का 21 वर्ष की आयु में हृदयघात से निधन हो गया। यह वही बाघ था जिसने कभी वनकर्मियों पर हमला किया था और नैनीताल चिड़ियाघर का पिंजरा भी तोड़ दिया था।
रामनगर। कार्बेट पार्क के ढिकाला के सबसे बुजुर्ग बाघ विक्रम की ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में मौत हो गई। विक्रम ने ढिकाला में गश्त कर रहे तीन वन कर्मियों को हमला कर मारा था।
तीन मई 2019 को उसे पकड़कर कार्बेट प्रशासन ने नैनीताल चिड़ियाघर में भेज दिया था। लेकिन शरीर से हष्ट पुष्ट विक्रम चिड़ियाघर में भी पिंजरा तोड़कर बाहर आ गया था।
इसके बाद 20 अप्रैल 2021 को उसे वापस रेस्क्यू सेंटर बनने पर यहां लाकर रखा गया था। तब से वह रेस्क्यू सेंटर में ही अपनी जिंदगी जी रहा था।वह सुन भी नहीं पाता था। विक्रम बाघ रेस्क्यू सेंटर का सबसे पुराना व बड़ा बाघ था। इस हमलावर बाघ को यह नाम रेस्क्यू सेंटर में ही एक पहचान के रूप में मिला था।
पिछले साल 2025 में वृद्ध हो चुके बाघ का टयूमर का आपेरशन भी हुआ था।तब वह पूरी तरह ठीक हो गया था। शनिवार रात में विक्रम बाघ की रेस्क्यू सेंटर में मौत हो गई।
कार्बेट के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के निर्देशन में कार्बेट के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा व नैनीताल चिड़ियाघर के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी हिमांशु पांगती के पैनल ने रेस्क्यू सेंटर में बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया।
बाघ काफी उम्रदराज हो चुका था। उसकी उम्र अभी अनुमानित 21 वर्ष विभाग आंक रहा है। इस दौरान कार्बेट के उपनिदेशक राहुल मिश्रा, कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटी, रेंजर भानु प्रकाश हर्बोला, एनटीसीए से नामित पूर्व एसडीओ कुंदन सिंह खाती, सिद्धार्थ रावत मौजूद रहे।
पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव को रेस्क्यू सेंटर में ही जलाकर नष्ट कर दिया। पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा ने बताया कि ह्दयघात से विक्रम बाघ की मौत् हुई है।









