
देहरादून के चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में पुलिस और एसटीएफ झारखंड में सक्रिय है। देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे
झारखंड के ध्यानार्थ,, विक्रम शर्मा हत्याकांड: झारखंड में शूटरों की महिला मित्रों से पूछताछ
– फरार शूटरों समेत छह आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
– बीते फरवरी में देहरादून के सिल्वर सिटी में दिनदहाड़े हुई थी हत्या
देहरादून। फरवरी में सिल्वर सिटी माल में हुए चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में देहरादून पुलिस और एसटीएफ झारखंड में डटी हुई है। फरार दो शूटरों समेत छह आरोपितों की तलाश में टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इसी क्रम में जमशेदपुर में मुख्य शूटर विशाल सिंह और आशुतोष सिंह की महिला मित्रों से गहन पूछताछ की गई, हालांकि उनसे कोई ठोस सुराग नहीं मिला। लेकिन, आरोपितों की जीवनशैली और आदतों के संबंध में अहम जानकारी मिली है। इस प्रकरण में शूटरों के दो सहयोगी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
13 फरवरी 2026 को डालनवाला क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने शहर को हिला दिया था। जांच में सामने आया कि तीन बाइक सवार हमलावरों ने विक्रम शर्मा को निशाना बनाकर गोली मारी और मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में साफ हुआ कि आरोपित सहस्रधारा रोड पर बाइक छोड़कर दूसरी बाइक और स्कूटी से हरिद्वार पहुंचे और वहां से एक काली स्कार्पियो में सवार होकर नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा भाग निकले।
जांच में यह भी सामने आया कि हरिद्वार में रेंट पर ली गई गाड़ियों का भुगतान यूपीआइ के जरिये किया गया था, जिससे आरोपित नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती चली गईं। फरारी में इस्तेमाल स्कार्पियो जमशेदपुर के कारोबारी यशराज के नाम पर पंजीकृत मिली, जिससे हत्या के पीछे कारोबारी विवाद और रंगदारी की एंगल भी सामने आया।
दो गिरफ्तार, छह आरोपित अब भी फरार
अब तक इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राजकुमार को 19 फरवरी को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया। जबकि, मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को 23 फरवरी को ग्रेटर नोएडा से दबोचा गया। वहीं, अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहू अब भी फरार हैं। सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।









