
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी के डाट काली मंदिर दर्शन से क्षेत्र में आस्था और विकास का संगम देखा गया। नए एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में पूरा हो रहा है, जिससे यात्रियों में खुशी है।
देहरादून। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर के उद्घाटन के दूसरे ही दिन बुधवार को विकास व आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। एक ओर नए एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरती गाड़ियों में बैठे लोग कम समय में देहरादून पहुंचने की खुशी साझा कर रहे थे,
तो दूसरी ओर प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में माथा टेकने वालों की संख्या यह बता रही थी कि यहां देश के ‘प्रधान सेवक’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार के आगमन ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया है।
मंगलवार को प्रधानमंत्री के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करने के बाद बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मंदिर मार्ग पर परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों की आवाजाही लगातार बनी रही। कई लोग केवल इस कारण पहुंचे कि जिस सिद्धपीठ में देश के प्रधानमंत्री ने माथा टेका, वहां जाकर वे भी दर्शन करना चाहते थे।
मंदिर परिसर में सुबह की आरती के साथ घंटियों की ध्वनि, धूप-अगरबत्ती की सुगंध और श्रद्धालुओं की आस्था ने वातावरण को विशेष बना दिया। बुधवार को डाट काली मार्ग पर यह साफ दिखा कि नया एक्सप्रेसवे केवल दूरी कम नहीं कर रहा, बल्कि आस्था, पर्यटन और विकास को एक नई रफ्तार दे रहा है।
ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून, यात्रियों के चेहरे पर खुशी
दिल्ली के साकेत निवासी आशीष सिंगला सुबह लगभग सात बजे निकले और दो घंटे 35 मिनट में आशारोड़ी पहुंच गए। मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने कहा ‘पहले देहरादून आने का मतलब था लंबी थकाऊ यात्रा, लेकिन आज सफर खुद आनंद बन गया। ऐसा लगा जैसे यह दूरी सचमुच सिमट गई हो।’
नोएडा से अमित बंसल परिवार सहित दो घंटे 40 मिनट में मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री के आने के बाद बच्चों ने भी कहा कि हमें डाट काली मंदिर चलना चाहिए। एक्सप्रेसवे पर कहीं रुकावट नहीं मिली। पहली बार लगा कि वीकेंड पर भी देहरादून आना आसान रहेगा।’
गाजियाबाद की निधि समीर चौहान ने बताया कि उन्होंने रास्ते में कई जगह हरियाली और पहाड़ों के दृश्य कैमरे में कैद किए। सफर इतना सहज था कि थकान महसूस ही नहीं हुई। मंदिर पहुंचते ही मन में अलग शांति मिली।
प्रधानमंत्री के दर्शन के बाद बढ़ी श्रद्धा
मंदिर में आने वाले कई श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के दर्शन ने इस सिद्धपीठ को लेकर नई उत्सुकता पैदा की है। मेरठ से आए विनोद चौहान ने कहा ‘जब देश का प्रधानमंत्री यहां आकर पूजा करता है तो आम लोगों के मन में भी विश्वास और आकर्षण बढ़ता है। यहां आकर लगा कि यह केवल मंदिर नहीं, शक्ति और आस्था का केंद्र है।’
मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर चर्चा करते नजर आए। कुछ लोग उस स्थान को देख रहे थे, जहां मंगलवार को विशेष पूजा हुई थी। कई परिवारों ने प्रसाद चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर में बैठकर फोटो भी खिंचवाई।
विकास का असर बाजार तक
आशारोड़ी और मंदिर मार्ग पर चाय, प्रसाद और नाश्ते की दुकानों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मंगलवार से ही ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। एक दुकानदार ने बताया कि प्रधानमंत्री के आने के बाद लोग विशेष रूप से मंदिर देखने आ रहे हैं और एक्सप्रेसवे ने यह रास्ता बहुत आसान कर दिया है।
आस्था के साथ पर्यटन को भी नई उड़ान
स्थानीय लोगों का मानना है कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद देहरादून और आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। सहस्रधारा, राबर्स केव और मसूरी जाने वाले कई यात्री भी पहले मां के दर्शन कर आगे बढ़ते दिखे।
वीकेंड पर और बढ़ सकती है भीड़
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर शुरू होने और मां डाट काली मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के दर्शन के बाद आगामी वीकेंड पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार को ही बड़ी संख्या में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से लोग पहुंचे। ऐसे में शनिवार और रविवार को वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ सकता है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वीकेंड पर परिवारों के साथ आने वालों की संख्या अधिक रहती है व इस बार नया एक्सप्रेसवे आकर्षण का बड़ा कारण बना हुआ है। आशारोड़ी क्षेत्र और मंदिर मार्ग पर पुलिस व प्रशासन भी ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो बड़ी संख्या में लोग पहले मां डाट काली के दर्शन कर आगे मसूरी आदि का रुख कर सकते हैं।









