
गूलरभोज के कोपा ठंडा नाला में हरिपुरा जलाशय की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनी एक मस्जिद और दो मजारों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
गूलरभोज। कोपा ठंडा नाला में हरिपुरा जलाशय की डाउन स्ट्रीम में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई एक मस्जिद और दो मजारों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। चार माह पूर्व नोटिस पर आगे बढ़ते हुए दोबारा नोटिस जारी कर धार्मिक संरचना को दो दिन में हटाने की आखिरी मियाद तय की गई है।
इस संबंध में संबंधित पक्षकारों से साक्ष्य भी मांगे गए हैं। उचित साक्ष्य न मिलने व मियाद अवधि बीतने पर धार्मिक संरचना को ध्वस्त करने की चेतावनी जारी की गई है।
18 अप्रैल हेडलाइन
गुरुवार को एसडीएम ऋचा सिंह के साथ सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन ने पूर्व में चिन्हित अतिक्रमण पर दोबारा नोटिस चस्पा कर हटाने की 18 अप्रैल हेडलाइन तय की है।
संबंधित पक्षकारों से कहा गया है कि यदि उनके पास कोई साक्ष्य,दस्तावेज या न्यायालय का आदेश हो तो कल यानी शुक्रवार तक अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपलब्ध कराएं। अन्यथा की स्थिति में ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज ढौंढियाल ने बताया कि यह नोटिस प्रक्रिया बीते आठ दिसंबर 2025 की कार्रवाई के क्रम में की गई है। जिसमें कुल 60 अतिक्रमण चिन्हित कर पंद्रह दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था।
सनद रहे बीती 29 नवंबर 2025 को प्रशासन ने कोपा ठंडा नाला में प्रथम चरण में बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 24 कच्चे निर्माणों को ध्वस्त कराकर 1.13 हेक्टेयर भूमि खाली कराई थी।
उस दरमियान अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सेकेंड फेज में 60 नोटिस भी जारी किए थे,जिसमें चार धार्मिक स्थलों को भी चिन्हित किया गया था। नोटिस में 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की मियाद तय करते हुए 2.45 हेक्टेयर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना प्रस्तावित था।









