
करीब सात महीने की इस यात्रा में 60 से ज्यादा दिन तो ऐसे रहे जिनमें कोई यात्री पहुंचा ही नहीं। ऐसे में चारधाम यात्रा कई दौर में रुक-रुककर ही संचालित हुई। मार्ग की हालात इस बार भी बेहतर नहीं हुई है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर इस बार पिछले साल से करीब दो गुने डेंजर जोन हो गए हैं। आपदा के चलते इस मार्ग पर भूस्खलन जोन और ब्लैक स्पॉट में बढ़ोतरी हुई है। इनकी संख्या पिछले साल करीब 58 थी जो कि इस साल 100 से अधिक हो गई है।
ऐसे में आईजी रेंज की ओर से पुलिस और संबंधित विभागों को इन जगहों की निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रा से पहले इनमें से कुछेक को दुरुस्त भी कर लिया जाएगा।
दरअसल, पिछले साल चारधाम यात्रा में करीब 51 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए थे। इनमें से करीब 72 फीसदी 36 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पहले दो महीने में ही पहुंच गए थे। यह आंकड़ा एक निजी संस्था के सर्वे में सामने आया है।
इसके बाद से यात्रा मार्ग पर बारिश व अन्य आपदाओं का दौर शुरू हो गया। इस संस्था के सर्वे के अनुसार करीब सात महीने की इस यात्रा में 60 से ज्यादा दिन तो ऐसे रहे जिनमें कोई यात्री पहुंचा ही नहीं। ऐसे में चारधाम यात्रा कई दौर में रुक-रुककर ही संचालित हुई।
मार्ग की हालात इस बार भी बेहतर नहीं हुई है। पिछले साल की आपदा के जख्म इस बार भी मार्ग पर मौजूद हैं। कई नए भूस्खलन जोन मार्ग पर बन गए हैं। इसके अलावा कई ब्लैक स्पॉट भी इस क्षेत्र में बन गए हैं।
इस तरह अब आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले सरकारी मशीनरी का ध्यान इन भूस्खलन जोन और ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने पर है। इसके लिए पुलिस से लेकर लोनिवि व अन्य विभाग अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। आईजी रेंज राजीव स्वरूप की ओर से पुलिस को इन सभी स्थानों की हर वक्त निगरानी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पर करीब 100 डेंजर जोन हैं। इनकी संख्या पिछले साल 58 थी। इन सभी को दुरुस्त करने और यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में सभी विभागों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इन जगहों पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। संचार व्यवस्था को इन जगहों पर ठीक करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए थे ताकि आपातकाल में कोई परेशानी न आए।
– राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल








