Big Breaking:-उत्तराखंड में ऊर्जा क्रांति, 870 मेगावाट से ज्यादा की नई परियोजनाओं को हरी झंडी

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की निदेशक मंडल बैठक में राज्य में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

देहरादून। उत्तराखंड में विद्युत उत्पादन को नई ऊंचाई देने और निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने कई अहम निर्णय लिए हैं।

सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई यूजेवीएनएल के निदेशक मंडल की बैठक में जल विद्युत और पंप स्टोरेज से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए 870 मेगावाट से अधिक की नई विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।

महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से पकड़ेगी गति

यूजेवीएनएल के निदेशक मंडल ने पिथौरागढ़ जिले में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। इससे यह महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से गति पकड़ेगी।

देहरादून जिले में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने के लिए सक्षम स्तर से ही स्वीकृत लेने के निर्देश दिए गए।

देहरादून में टौंस नदी पर प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इसके अलावा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डीपीआर की स्वीकृति के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बीपी पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एके सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चंद्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।

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