Big Breaking:-किसान आत्महत्या कांड: उप निरीक्षक की ACR कैसे हुई लीक? DGP नाराज, STF को सौंपी जांच

STF करेगी ACR के अनधिकृत Circulation की जांच

निलंबित उप निरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला के जनपद बागेश्वर में तैनाती की वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने सम्बन्धी प्रकरण में DGP श्री दीपम सेठ द्वारा विस्तृत एवं गहन जांच कराए जाने हेतु SSP STF को निर्देशित किया है।

किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की गोपनीय आख्या का सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक प्लेटफार्म पर प्रसारित होना एक अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय है।

चूंकि ACR एक गोपनीय डिजिटल दस्तावेज है, जिसे सुरक्षित आईटी/डिजिटल प्रणाली के माध्यम से केवल अधिकृत अधिकारी/कर्मचारी द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सीधे रूप से एक्सेस किया जाना संभव नहीं है।


अतः उक्त प्रकरण में अनधिकृत डेटा एक्सेस की संभावना एवं साइबर साक्ष्यों की जांच की आवश्यकता के दृष्टिगत, तकनीकी रूप से सक्षम जांच सुनिश्चित करने हेतु जांच STF को सौंपी गई है।

ज्ञातव्य है कि प्रतिकूल ACR टिप्पणी अंकित होने के बाद भी संबंधित को थानाध्यक्ष पद पर तैनात किए जाने के संबंध में पूर्व से जांच प्रचलित है।

SSP STF श्री नवनीत भुल्लर द्वारा बताया कि पुलिस मुख्यालय के आदेशों के क्रम में सभी तथ्यों, एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। STF कुमाऊं यूनिट द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गयी है।

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