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Big Breaking:-उत्तराखंड में परेशानी का सबब बना यूपी का ‘नीला ड्रम’, एक और अपराध में आ रहा काम

उत्तराखंड में नीले ड्रम का उपयोग कर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। रुड़की में ऊर्जा निगम ने दो महीनों में 148 ऐसे मामले पकड़े हैं, जहां लोग ड्रम में रॉड लगाकर पानी गर्म कर रहे थे।

यह देसी गीजर खतरनाक होने के साथ-साथ बिजली चोरी का एक नया तरीका बन गया है। निगम ने सुरक्षा के लिए आईएसआई मार्का गीजर इस्तेमाल करने की अपील की है।

रुड़की। पिछले साल मेरठ में चर्चाओं में रहा नीला ड्रम इस बार ऊर्जा निगम में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। दरअसल नीले ड्रम के जरिए बिजली का बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है।

दो राॅड लगाकर पानी को गर्म किया जा रहा है। दो माह के दीौरान ऊर्जा 148 नीले ड्रम को बरामद कर चुका है। नीले ड्रम को देशी गीजर बनाकर पानी को गर्म किया जा रहा है।

पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के ब्रह्मपुरी में सौरभ, मुस्कान और साहिल की कहानी सभी को याद होगी। याद नहीं है तो बता देते हैं कि तीन मार्च को ब्रह्मपुरी में मुस्कान ने अपने दोस्त साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पति की लाश के टुकड़े कर सीमेंट की मदद से नीले ड्रम में जमा दिया था। तब नीला ड्रम बेहद चर्चाओं में आया था। तमाम रील बनी।

इंटरनेट मीडिया पर पिछले वर्ष नीला ड्रम बेहद चर्चाओं में रहा। यहां तक की इस पर अब एक वेब सीरीज बन रही है। इसी बीच ऊर्जा निगम के रुड़की मंडल में यह नीला ड्रम बेहद ही चर्चाओं में दिसंबर एवं जनवरी माह के दौरान ऊर्जा निगम की ओर से 412 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं। इसमें से 148 मामले ऐसे हैं जिसमें निगम ने बिजली चोरी पकड़ी है।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता शहरी क्षेत्र अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि लोग देशी गीजर तैयार कर रहे हैं। दो रॉड ड्रम में लगाकर पानी को गर्म किया जा रहा है। अब तक की छापेमार कार्रवाई में 50 लीटर से लेकर 200 और 500 लीटर तक के नीले ड्रम मिले हैं,

जिसमें रात दिन बिजली का करंट चालू रहता हैं और पानी खौलता रहता है। यह ट्रेंड पहली बार देखने को मिला है। साथ यह खतरनाक भी है। असुरक्षित होने की वजह से हादसा होने की आशंका है। इसलिए इस तरह से ड्रम का इस्तेमाल ना करें। आइएसआइ मार्का के गीजर ही लगवाए।

ओवरहेड वाटर टैंकों में भी डाली जा रही रॉड

रुड़की: ओवरहेड वाटर टैंक में भी रॉड डालकर पानी को गर्म किया जा रहा है। रात दिन पानी गर्म होता रहता है। ऐसे में पानी के साथ करंट फैलने का खतरा बना रहता है। देहात क्षेत्र में इस बार कई मामले ऐसे पकड़े जा चुके हैं।

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