
बागेश्वर जिले के अमसरकोट क्षेत्र के जंगल में आग लग गई है, जिससे वन्यजीवों और पर्यावरण को गंभीर खतरा है। धुएं से प्रदूषण बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अराजक तत्वों पर आग लगाने का आरोप लगाया है।
वन विभाग ने टीम भेजकर आग बुझाने का प्रयास किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। गर्मी में जल संकट गहराने की आशंका है।
बागेश्वर । जिले के जंगल जाड़ों में जल रहे हैं। जिससे वन्यजीवों के साथ-साथ पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जंगलों में फैल रही आग के कारण आसपास के क्षेत्रों में धुएं का गुबार छा गया है, जिससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार को अमसरकोट क्षेत्र के जंगल में अराजक तत्वों ने आग लगा दी है। जिसके चलते चीड़ का जंगल लगातार जल रहा है। आग तेजी से फैलने से ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है।
आग की सूचना मिलते ही वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया। विभाग ने तुरंत एक टीम मौके पर भेजी है, जो आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। वन कर्मी आग को आगे फैलने से रोकने के लिए लगातार निगरानी और नियंत्रण कार्य में जुटे हुए हैं।
राज्य आंदोलनकारी हेम पंत तथा हीरा बल्लभ भट्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि जंगल अभी से जलने लगेंगे, तो आने वाले गर्मी के मौसम में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इससे न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि जल स्रोतों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिससे जिले में पानी का संकट गहरा सकता है।
इधर, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने कहा कि जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं जंगल में आग या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते नुकसान को रोका जा सके।









