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Big Breaking:-वनाग्नि, कम संवेदनशील जगहों पर भी रहेगा फोकस, वन विभाग जुटाएगा इलाके की जानकारी

वन विभाग जंगल की आग की चुनौती से निपटने को लेकर कई तरह से तैयारी करता है।संवेदनशील स्थानों पर अधिक ध्यान दिया जाता है। इसके आधार पर कई बार बजट का आवंटन करने के साथ कर्मियों की तैनाती भी होती है।

वन विभाग वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों के साथ ही जहां पर आग लगने की घटना नहीं हुईं या कम हुईं हैं, उन पर भी फोकस करेगा। इन जगहों की डिटेल जुटाकर महकमा संबंधित जगहों पर पूर्व सुरक्षा तैयारी करेगा।

राज्य में जंगल की आग की चुनौती से निपटने को लेकर कई तरह से तैयारी करता है। इसमें जहां पर आग लगने की घटनाएं पूर्व में हुई हैं, उनको संवेदनशील मानता है, वहां पर अधिक ध्यान दिया जाता है। इसके आधार पर कई बार बजट का आवंटन करने के साथ कर्मियों की तैनाती भी होती है।

मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक कहते हैं कि संवेदनशीलता संबंधी मैप को पूर्व की घटनाओं आदि के हिसाब से तैयार किया जाता है। संबंधित जगहों पर पूर्व की घटना, ऊंचाई, बारिश, तापमान, ढाल समेत अन्य डिटेल को जुटाकर उसके आधार पर संसाधनों को बढ़ाया जाएगा, जिससे अगर कोई घटना हो तो उसको अधिक बेहतर ढंग से काबू किया जा सके।

15 फरवरी के बाद वनाग्नि

रीजन- घटनाएं

गढ़वाल-82

वन्यजीव क्षेत्र-04

कुमाऊं- शून्य

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