Big Breaking:-मुरादाबाद हादसे में चार की मौत: बेटे का जनेऊ न कर सके सुंदर, भुवन के गांव में शोक

मुरादाबाद में हुए भीषण सड़क हादसे में हल्द्वानी के सुंदर सिंह मेहर और भुवन भंडारी सहित चार लोगों की मौत हो गई। सुंदर के बेटे का 27 मार्च को जनेऊ संस्कार होना था, जिसकी खुशियां मातम में बदल गईं। सोमेश्वर निवासी भुवन अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। दोनों की अंत्येष्टि मंगलवार को हुई, जिसमें ग्रामीणों की आंखें नम थीं।

हल्द्वानी। मुरादाबाद के मूढ़ापांडे में हुए सड़क हादसे ने महर परिवार की खुशियों को एक झटके में छीन लिया। सुंदर सिंह महर के बेटे गर्वित का 27 मार्च को जनेऊ संस्कार होना था।

छुट्टी में घर आने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों को फोन कर शुभ कार्य में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया था। लेकिन सोमवार सुबह हुए हादसे में सुंदर की मौत हो गई। कार हादसे में सोमेश्वर निवासी भुवन भंडारी का भी निधन हुआ है। वह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। भुवन की अंतिम विदाई में पहुंचे हर ग्रामीण की आंखें नम थी।

सोमवार सुबह मूढ़ापांडे क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर हल्द्वानी से निकली एक कार ईटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली के पीछे घुस गई थी। हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों रीजनल बैंक मैनेजर दयाल सिंह रावत, सुंदर सिंह महर, भुवन भंडारी और अनिल नेगी की मौत हो गई थी।

जबकि कार चालक यशदीप पांडे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मंगलवार को सुंदर सिंह महर की रानीबाग स्थित चित्रशीला घाट और मूल रूप से सोमेश्वर के भौरी गांव निवासी भुवन भंडारी का गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया।

टनकपुर निवासी सुंदर ने चार साल पहले बनाया मकान

मृतक सुंदर सिंह महर मूल रूप से टनकपुर के थ्वालखेड़ा गांव के रहने वाले थे। करीब चार साल पहले उन्होंने आरटीओ रोड स्थित आनंदपुरम में मकान बनाया था। पिछले दस साल से वह एक निजी कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर तैनात थे। बेटा गर्वित कक्षा नौ में पढ़ता है। जबकि पत्नी की कालोनी में ही लेडिज कपड़ों की दुकान है। 27 मार्च को गर्वित का जनेऊ संस्कार होना था।

बेटे को पढ़ाई को हल्द्वानी में परिवार लाए थे भुवन

निजी कंपनी में इंजीनियर के तौर पर तैनात मूल रूप से सोमेश्वर के भौरी गांव निवासी भुवन सिंह भंडारी बेटे की पत्नी पूजा औैर छह वर्षीय बेटा मानस दयाल विहार फेज टू में ससुराल पक्ष के मकान में रहते थे। बेटे को बेहतर शिक्षा देने के लिए परिवार हल्द्वानी रह रहा था। मुरादाबाद से भुवन का शव सीधा गांव ले जाया गया।

मंगलवार को स्थानीय शमशान घाट में अंत्येष्टि के दौरान बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। भुवन परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। पिता दीवान सिंह भंडारी पूर्व में बस चलाते थे। लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते अब काम नहीं करते। चार बहनों की शादी हो चुकी है।

यह था मामला

नोएडा के निजी स्कूल में योग शिक्षक हल्द्वानी निवासी यशदीप पांडे सोमवार सुबह साढ़े चार बजे कार से ड्यूटी के लिए निकले थे। निजी गाड़ी को ब्ला-ब्ला बुकिंग एप से जोड़ने की वजह से बैंक प्रबंधक दयाल रावत, सीनियर अकाउंटेंट सुंदर सिंह महर, इंजीनियर भुवन भंडारी और अनिल नेगी भी कार में सवार हो गए।

किसी को दिल्ली तो किसी को नोएडा तक जाना था। लेकिन करीब दो घंटे बाद मुरादाबाद के मूढ़ापांडे में कार आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई।

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