
नई टिहरी में बंद कमरे में अंगीठी के धुएं से एक चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर की गई है। सीआइएसएफ जवान गणेश पालवे की पत्नी मोनिका और बेटी आर्या भागीरथीपुरम स्थित अपने कमरे में अंगीठी जलाकर सोई थीं।
सुबह दरवाजा न खुलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। यह घटना ठंड से बचाव के लिए अंगीठी के इस्तेमाल में सावधानी की जरूरत बताती है।
नई टिहरी। बंद कमरे में अंगीठी की धुएं ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। अंगीठी के धुएं के कारण केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) जवान की चार वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि पत्नी की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
सुबह 10 बजे तक भी कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। महिला को जिला अस्पताल बौराड़ी में प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
कोतवाली नई टिहरी के प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि कोटी-कालोनी चौकी क्षेत्र में मूल रूप से महाराष्ट्र निवासी गणेश पालवे सीआइएसएफ कोटी-कालोनी में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। वह पत्नी मोनिका (28) और पुत्री आर्य (04) के साथ भागीरथीपुरम क्षेत्र में निवासरत हैं।
बीते शनिवार को वह इलाज के सिलसिले में देहरादून गए हुए थे और भागीरथीपुरम स्थित कमरे में उनकी पत्नी और बेटी थी। रात्रि को उनकी पत्नी अपने कमरे में बच्ची के साथ अंगीठी जलाकर सो गई थी। लेकिन, रविवार सुबह 10 बजे तक भी उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। जहां बच्ची की मौके पर मौत हो चुकी थी, जबकि महिला बेहोशी की हालत में मिली। जिसे तत्काल जिला चिकित्सालय बौराड़ी लाया गया।
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। जहां उसका उपचार जारी है। महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया है।









