Big Breaking:-भगोड़े बिल्डर दीपक मित्तल के दुबई में ठिकाने का पता मिला, पुलिस बेखबर

देहरादून के भगोड़े बिल्डर दीपक और राखी मित्तल, जो 45 करोड़ रुपये लेकर फरार हुए थे, अब दुबई में छिपे पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, दीपक ने दुबई में नया कारोबार भी शुरू कर दिया है। पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है या वे इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनकी बेटी नीदरलैंड में है।

देहरादून। फ्लैट खरीदारों के 45 करोड़ रुपये से अधिक लेकर परिवार सहित फरार चल रहे बिल्डर दंपती दीपक और राखी मित्तल के दुबई के ठिकाने का पता चला है। यह बात और है कि पुलिस को या तो इसकी खबर नहीं है या अधिकारी इस ओर झांकने को तैयार नहीं हैं।

पासपोर्ट कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, देहरादून से फरार होने के बाद बिल्डर दीपक मित्तल, राखी मित्तल और उनके बेटे रुद्राक्ष मित्तल ने जी 12, डिस्कवरी गार्डन, दुबई (यूएई) में अपना ठिकाना बनाया। वहीं, उनकी बेटी दिव्या मित्तल का नीदरलैंड का पता सामने आया है।

वह नीदरलैंड में स्टेटेनसिंगेल, मास्ट्रिख्ट में रह रही हैं। इसके अलावा जो मोबाइल नंबर मित्तल परिवार वर्तमान में प्रयोग में ला रहे हैं, उनकी जानकारी भी समाने आई है। दीपक मित्तल के तीन कान्टेक्ट नंबर, जबकि राखी, रुद्राक्ष और दिव्य के एक, एक कांटेक्ट नंबर की जानकारी सामने आई है।

दीपक ने दुबई में शुरू किया कारोबार

सूत्रों के अनुसार, दीपक मित्तल ने दुबई में कारोबार भी शुरू कर दिया है। वह वाल्क्यू एलएलसी (लिमिटेड लाइबिलिटी कंपनी) का जिम्मा संभाले हैं। यह कंपनी शारजहां मीडिया सिटी में स्थित है।

वानुअतु का पासपोर्ट आ चुका समाने

कुछ समय पूर्व इस तरह की जानकारी भी समाने आई थी कि दीपक मित्तल ने वानुअतु देश की नागरिकता ली है। उसका पासपोर्ट भी सामने आया था। हालांकि, दुबई का पता सामने आने के बाद इस पासपोर्ट और नागरिकता को सिर्फ भारत से बचने और जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के रूप में माना जा रहा है। मित्तल परिवार का भारतीय पासपोर्ट अब सक्रिय नहीं है।

इन दिनों लंदन में रहने की भी सूचना

एक जानकारी यह भी सामने आई है कि दुबई में पक्का ठिकाना बनाने के बाद इन दिनों मित्तल परिवार लंदन में रह रहा है। हालांकि, अभी वहां के पते की जानकारी पुष्ट नहीं की जा सकी है।

यह है पुष्पांजलि प्रकरण

पुष्पांजलि इंफ्राटेक का निदेशक दीपक मित्तल पत्नी राखी मित्तल और बच्चों के साथ 90 फ्लैट खरीदारों के 45 करोड़ रुपये लेकर वर्ष 2020 से फरार है। इस मामले में मित्तल उसकी पत्नी के विरुद्ध पुलिस ने नौ मुकदमे दर्ज किए हैं।

आवासीय परियोजना के नाम पर पुष्पांजलि इंफ्राटेक की ग्रुप हाउसिंग परियोजना में कुल आठ टावर में 331 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित किया गया था।

निर्माण के नाम पर स्थल पर दो टावर के अधूरे ढांचे खड़े किए गए और 90 फ्लैट की बुकिंग कर 45 करोड़ रुपये के करीब भी बिल्डर दीपक मित्तल ने प्राप्त कर लिए। जबकि परियोजना का निर्माण वर्ष 2018 से ही बंद कर दिया गया था।

फ्लैट खरीदारों ने जब निर्माण पूरा करने या धनराशि वापस करने की मांग की तो पता चला कि दीपक मित्तल पत्नी के साथ फरार हो गया। जिसके बाद रेरा में शिकायत का आंकड़ा बढ़ता गया और आर्किड पार्क (फेज एक और दो) के फ्लैट खरीदारों की कुल 62 शिकायतें दर्ज कर दी गईं।

वहीं, फ्लैट खरीदारों की अर्जी पर एनसीएलटी अन्य निजी बिल्डर से परियोजना को पूर्ण कराने की दिशा में बढ़ रहा है। बिल्डर दंपती पीएनबी की इंदिरा नगर शाखा के 21 करोड़ रुपये का ऋण भी डकार चुके हैं। यह ऋण अब एनपीए घोषित हो गया है।

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