
देहरादून में ई-केवाईसी के बिना गैस बुकिंग की समस्या का समाधान हो गया है। उपभोक्ता अब गैस एजेंसी पर जाकर ई-केवाईसी के साथ ऑफलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
देहरादून। जिन उपभोक्ताओं की ई -केवाईसी नहीं है। उनकी गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। लेकिन उपभोक्ताओं को घराने की जरूरत नहीं है। वह गैस एजेंसी में जाकर ई-केवाईसी के साथ ही ऑफलाइन गैस बुकिंग करा सकते हैं।
अभी तक उपभोक्ताओं में इसको लेकर दुविधा बनी हुई थी। लेकिन डीएसओ ने इस पर स्थिति साफ कर दी है। बुधवार को विभिन्न एजेंसी संचालकों ने तकरीबन 700 उपभोक्ताओं के केवाईसी के साथ ही गैस बुकिंग की।
दरअसल, शहर में संचालित हो रही एजेंसियों पर गैस बुकिंग के नंबर एवं गैस उपलब्ध को लेकर 25 दिन की जानकारी साझा की गई है। लेकिन जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग नहीं हो पा रही थी। उनके सामने संकट खड़ा हो रहा था। जिसका खामियाजा गैस एजेंसी संचालक एवं प्रशासन को भुगतान पड़ रहा था।
लेकिन जब गैस की आनलाइन बुकिंग न होने पर उपभोक्ता एजेंसी पहुंचे। तो स्थिति साफ हुई कि उपभोक्ता की ई-केवाईसी नहीं है। जिसके बाद जिला पूर्ति विभाग की ओर से स्थिति साफ की गई।
24 घंटे आयल कंपनी के साइट पर गैस बुकिंग हो रही है। लेकिन जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं हो पा रही उनकी केवाईसी नहीं है। जिसके बाद उपभोक्ताओं को जानकारी साझा की गई। बुधवार को भी एजेंसियों के कार्यालय के बाहर लंबी लाइन रही।
लेकिन उसमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता थे। जिनके पास मोबाइल में एप डाउनलोड था। लेकिन साइट में तकनीकी दिक्कत की बात की जा रही थी। एजेंसी संचालकों ने मौके पर ही उपभोक्ताओं की गलतफहमी दूर कर दी।
समाजसेवी- व्यापारियों ने की उपभोक्ताओं से अपील
महानगर कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार बांगा ने उपभोक्ताओं से अपील की है। उन्होंने कहा गैस की सप्लाई विधिवत हो रही है। एजेंसी को प्रतिदिन गैस प्राप्त हो रही है। इस लिए अफवाह एवं अफरा-तफरी के माहौल से बचना होगा।
सामान्य दिनों में भी बैकलाग एक लाख पार हो जाता है। इसके पीछे की वजह तकनीकी खामिया भी रहती है। वहीं प्रेमनगर निवासी एवं समाजसेवी अरुण भट्ट ने कहा क्षेत्र में यूरेका गैस एजेंसी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के घरों में विधिवत गैस की डिलीवरी कर रहा है। हालांकि प्रशासन ने 25 दिन की निर्धारित तिथि तय की है। लेकिन वह पहले सिलिंडर की डिलीवरी के बाद समय निर्धारित किया गया है।
बैकलाग बढ़ने के पीछे तकनीकी खामिया भी है। जिसको चेक किया जा रहा है। प्रतिदिन गैस की डिलीवरी में बढ़ोत्तरी हो रही है। गैस डिलीवर का डेटा को अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं। गैस सिलिंडर की किसी तरह की किल्लत नहीं है। – केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी









