Ravi Tamta Flying Car: अल्मोड़ा के युवा नवाचारी रवि टम्टा ने स्वदेशी उड़ने वाले वाहन ईवीटीओएल ‘हपिडा स्काईनैक्स’ का सफल परीक्षण किया। यह वाहन बिना रनवे के सीधा उड़ान भर सकता है और उनके इस इनोवेशन की देश-विदेश में सराहना हो रही है।
अल्मोड़ा। Almora News: जहां पश्चिमी देशों खासकर यूरोप, अमेरिका करोड़ों रुपए खर्च कर उड़ने वाली कार और वाहन बना रहे है। वहीं भारत में युवा नवाचारी ने बहुत कम लागत स्वदेशी प्रयास से हवा में उड़ने वाला वाहन बना सबको आश्चर्यचकित कर दिया है। आज उसके इस इनोवेशन की देश ही नहीं विदेशों में भी सराहना हो रही है। क्षेत्र में तो हर किसी के जुबां में रवि के इस कारनामे की कहानी है।
शनिवार को हेमवतीनंदन बहुगुणा खेल मैदान में नवाचारी रवि टम्टा ने अपने उड़ने वाले वाहन ईवीटीओएल से दो बार हवा में उड़कर सफल परीक्षण किया। इस दौरान करीब वह तीन मिनट हवा में रहे और स्टेडियम का पूरा चक्कर काटा। उन्होंने हवा में सीधा ऊपर उड़कर कलाबाजियां भी दिखाई। उनको देखने के लिए कई लोग मौजूद थे। सभी ने उनकी जमकर सराहना की।
जिलधिकारी अंशुल सिंह के सामने भी नवाचारी रवि टम्टा ने सफल परीक्षण किया। उन्होंने उनके नवाचार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मौके पर कई लोग मौजूद थे। हवाई उड़ान के बाद लोगों ने रवि और उनके हवा वाहन के साथ सेल्फी भी खींची।
बिना रववे के सीधा उड़ान भरता है रवि का हवाई वाहन
ईवीटीओएल तकनीक हेलीकॉप्टर की तरह रनवे के बिना सीधे ऊपर उड़ान भर और नीचे उतर सकता है। मल्टी-रोटर व्यवस्था में अलग-अलग प्रोपेलरों की गति नियंत्रित कर वाहन को संतुलित किया जाता है। इस वाहन की खासियत है कि यह कहीं भी छोटी जगहों पर उतर व उड़ सकता है।
सीएम को दिया उड़ने न्योता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवाचारी रवि टम्टा से मोबाइल पर बातचीत की। उन्होंने उसे हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। रवि ने भी सीएम को अल्मोड़ा आकर उनके हवा में उड़ने वाले वाहन में बैठने का न्योता दिया।
आइआईटी मद्रास में हो रहा ईवीटीओएल में नवाचार
भारत में ईवीटीओएल तकनीक पर काम कर रही आईआईटी मद्रास से इनक्यूबेटेड द ईप्लेन कंपनी ने जुलाई 2026 में इ200एक्स (पीटी-01) का फुल-स्केल प्रोटोटाइप पेश किया। दो यात्री क्षमता वाला यह इलेक्ट्रिक विमान एयर टैक्सी, कार्गो और एयर एंबुलेंस के लिए विकसित किया जा रहा है। कंपनी 2027 के मध्य से इसके उड़ान परीक्षण शुरू करने की योजना बना रही है।
स्लोवाकिया और नीदरलैंड ने बनाई है हवा में चलने वाली कार
अल्मोड़ा: विश्व में उड़ने वाली कार बनाने की कोशिशें लंबे समय से चल रही हैं। स्लोवाकिया की कंपनी क्लेन विजन ने ‘एयरकार’ विकसित की है, जो सड़क पर चलने के साथ पंख फैलाकर विमान की तरह उड़ सकती है। वर्ष 2021 में एयरकार ने स्लोवाकिया के नित्रा से ब्रातिस्लावा तक करीब 75 किलोमीटर की दूरी लगभग 35 मिनट में हवाई मार्ग से तय कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था।
नीदरलैंड की पाल-फाइव ने भी सड़क और हवा दोनों में चलने वाले ‘लिबर्टी’ वाहन को विकसित किया है। अमेरिका, चीन और जापान में भी फ्लाइंग कार व ईवीटीओएल तकनीक पर तेजी से काम हो रहा है।
हालांकि, अभी तक ऐसी तकनीक आम उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसी बीच अल्मोड़ा के युवा तकनीकी उद्यमी रवि टम्टा ने स्वदेशी पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल यानि ईवीटीओएल ‘हपिडा स्काईनैक्स’ का प्रोटोटाइप तैयार कर उड़ान परीक्षण किया है।