Big Breaking:-ग्रीन सेस पर भारी पड़ी बिजली की आंख मिचौनी, लाखों का हो रहा नुकसान

उत्तराखंड की 15 सीमावर्ती चेकपोस्ट पर बिजली कटौती के कारण एपीएनआर कैमरे ग्रीन सेस वसूली में बाधा डाल रहे हैं। प्रतिदिन 3-5 घंटे बिजली न होने से फास्टटैग से होने वाली 18-20 लाख रुपये की वसूली प्रभावित हो रही है, जिससे 3-4 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

देहरादून। परिवहन विभाग वर्तमान में प्रदेश की 15 चेक पोस्ट से ग्रीन सेस वसूलने का कार्य शुरू कर चुका है, लेकिन बिजली की आंख मिचौनी ग्रीन सेस की रफ्तार को थाम रही है।

अभी स्थिति यह है कि बार्डर चेकपोस्ट पर तीन से पांच घंटे बिजली की कटौती हो रही है। इस अवधि में एपीएनआर कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। परिणामस्वरूप वाहनों में लगे फास्टटैग से ग्रीन सेस की वसूली नहीं हो पा रही है। अब इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वहां जनरेटर और इनवर्टर लगाने की कवायद चल रही है।

परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों से आने वाले चौपहिया वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने का कार्य शुरू कर दिया है। अभी यह प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के 15 स्थानों पर वसूला जा रहा है।

अभी व्यवस्था यह है कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन जब प्रदेश की सीमा पर प्रवेश करते हैं तो एपीएनआर कैमरे उनके नंबरों की पहचान कर उन पर लगे फास्टटैग से ग्रीन सेस की नियत धनराशि वसूल लेते हैं। इस समय इन 15 स्थानों से प्रतिदिन 18 से 20 लाख रुपये ग्रीन सेस वसूला जा रहा है।

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