
राज्य कर आयुक्त सोनिका के दिशानिर्देश पर देहरादून संभाग के संयुक्त आयुक्त अनुराग मिश्रा ने कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया।
राज्य कर विभाग की टीम ने शहर के एक नामी बिल्डर के कार्यालय में छापा मारकर 1.5 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान ही बिल्डर ने 48 लाख का टैक्स जमा कराया है। विभाग ने जीएसटी से संबंधित दस्तावेज भी जांच के लिए कब्जे में लिए हैं।
राज्य कर आयुक्त सोनिका के दिशानिर्देश पर देहरादून संभाग के संयुक्त आयुक्त अनुराग मिश्रा ने कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया। मंगलवार को टीम ने राजपुर रोड स्थित बिल्डर के कार्यालय में छापा मारा।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बिल्डर ने राज्य के भीतर व दूसरे राज्यों की ऐसी फर्मों से सीमेंट व अन्य माल की खरीद दर्शायी है, जो वर्तमान में व्यापार नहीं कर रही है। पूर्व में ही जीएसटी काउंसिल की ओर से फर्मों का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है।
तीन घंटे तक चली कार्रवाई में राज्य जीएसटी की टीम ने टैक्स चोरी का खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में बिल्डर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 48 लाख रुपये की जीएसटी जमा कराई। बिल्डर से कार्यालय से कब्जे में लिए दस्तोवजों की जांच की जा रही है।
उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग 1.5 करोड़ की जीएसटी चोरी करने का अनुमान है। बिल्डर की ओर से बोगस फर्मों से माल खरीद दिखा कर आईटीसी का लाभ लेकर राजस्व चपत लगाई जा रही थी।
उन्होंने कहा, टैक्स चोरी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। टीम में उपायुक्त योगेश मिश्रा, सहायक आयुक्त अवनीश पांडेय, दीपक सेमवाल, राज्य कर अधिकारी गजेंद्र भंडारी मौजूद रहे।









