Big Breaking:-खाड़ी युद्ध का मसूरी के पर्यटन पर असर: गैस की कमी से होटल व्यवसाय प्रभावित

खाड़ी युद्ध के कारण उत्तराखंड के मसूरी में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति में कमी आई है, जिससे पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। लगभग 400 होटल और गेस्ट हाउस गैस की किल्लत झेल रहे हैं।

मसूरी। पश्चिम एशिया के खाड़ी युद्ध का असर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल मसूरी पर भी पड़ा है। जिसका मुख्य कारण व्यावसायिक गैस की आपूर्ति में कमी है।

मसूरी में लगभग 400 होटल और गेस्ट हाउस हैं, जिनकी क्षमता 25 से 30 हजार पर्यटकों को ठहराने की है। सभी होटलों में किचन की व्यवस्था है, जो ठहरने वाले पर्यटकों को भोजन सेवा प्रदान करते हैं।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है, जिसके चलते देशभर में गैस की किल्लत हो गई है।

घरेलू गैस की आपूर्ति उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर मिल रही है, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी से होटल और रेस्तरां व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।

कई छोटे और मध्यम होटलों ने अपने किचन बंद कर दिए हैं। बड़े संस्थानों ने गैस की कमी के विकल्प के रूप में कोयला, लकड़ी, उपले और डीजल भट्टी जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग शुरू किया है।

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी और मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि बड़े संस्थानों में इलेक्ट्रिक उपकरणों का प्रयोग बढ़ा है।

वैलकम होटल द सेवाय के महाप्रबंधक गौतम वली ने बताया कि उनके संस्थान में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक उपकरण स्थापित किए गए हैं।

अन्य स्टार होटलों में भी 90 से 100 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

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