
चमोली में टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में हुए हादसे की आंतरिक जांच में लोको वैगन आपरेटर की लापरवाही सामने आई है। टीएचडीसी की सिफारिश पर एचसीसी ने आपरेटर को बर्खास्त कर दिया है।
प्राथमिक जांच में ट्राली की गति अनियंत्रित होने और ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। 81 घायलों में से 76 को छुट्टी मिल चुकी है। टीएचडीसी प्रबंधन घायलों के उपचार और आर्थिक सहायता में सहयोग कर रहा है।
ऋषिकेश : चमोली जिले में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना साइट पर बीते मंगलवार रात हुए हादसे में टीएचडीसी की आंतरिक जांच में लोको वैगन (ट्राली) के आपरेटर की लापरवाही सामने आई है। जिसे टीएचडीसी की सिफारिश पर हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) ने बर्खास्त कर दिया है।
गुरुवार को ऋषिकेश स्थित टीएचडीसीआइएल के कार्पोरेट कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्थान के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने बताया कि टीएचडीसीआइएल प्रबंधन हादसे को लेकर बेहद गंभीर है। संस्थान द्वारा प्राथमिक जांच गतिमान है, जिसमें ट्राली की गति नियंत्रित न होने के पीछे ब्रेक फेल आदि तकनीकी कारण प्रतीत हो रहा है।
जांच में सामने आया है कि दूसरी खड़ी ट्राली में आपरेटर नहीं था, जो कि गंभीर लापरवाही है। संबंधित आपरेटर के खिलाफ मानव संसाधन का दायित्व संभाल रही एचसीसी ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
घटना में सुपरवाइजर के स्तर पर भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने की आशंका पर जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अगले कुछ दिनों के भीतर प्राथमिक जांच पूरी हो जाएगी।
बताया कि परियोजना के टनल में कर्मियों को कार्यस्थल तक लाने व ले जाने के लिए ट्राली का उपयोग किया जाता है, जिसे लोको वैगन कहा जाता है। कुमार ने बताया कि हादसे में घायल हुए 81 में से 76 कर्मियों को गोपेश्वर चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई है।
अन्य को भी जल्द छुट्टी मिलने की संभावना है। कहा कि टीएचडीसीआइएल प्रबंधन हादसे में घायल कर्मियों के उपचार में पूरा सहयोग कर रहा है। पीड़ित कर्मी व उनके परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता भी प्रदान कराई जाएगी। वार्ता में मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन एवं कार्मिक) डा एएन त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।









