
न्यायमूर्ति शरद शर्मा ने किया ‘जस्टिस ऑन सेल’ पुस्तक का विमोचन
पुस्तक के माध्यम से ‘एडीआर प्रणाली’ की खामियों को किया गया उजागर
देहरादून। उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश सेठी की चर्चित पुस्तक “जस्टिस ऑन सेल” का भव्य विमोचन शनिवार को जाखन स्थित हयात सेंट्रिक में हुआ। इस दौरान पुस्तक पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) प्रणाली आम नागरिकों को विफल कर रही है। त्वरित और निष्पक्ष न्याय देने के बजाय, यह पक्षकारों को समझौता करने के लिए दबाव डालती है।







कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शरद कुमार शर्मा ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह पुस्तक भारत की वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण पक्ष पर गंभीर विमर्श है। इस दौरान विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता आर.शंकरणारायणन
ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम ज्वाइन किया और कहा कि यह पुस्तक न्याय व्यवस्था और एडीआर प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाने वाला एक गंभीर और सराहनीय प्रयास है, जो विधि जगत में सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।
पुस्तक के लेखक वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश सेठी ने कहा पुस्तक के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है कि कैसे सुविधा और लागत में कटौती अक्सर वास्तविक निष्पक्षता पर हावी हो जाती है,
जिससे एडीआर के मूल वादे के साथ विश्वासघात होता है। उन्होंने कहा कि बतौर अधिवक्ता जिन बातों को उन्होंने करीब से समझा है, उनको पिरोकर सबके सामने रखने का प्रयास किया है और इस दौरान जिन बड़े लेखकों और पाठकों ने पुस्तक को पढ़ा है, उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करने वाला साहसिक प्रयास बताया है।
इस दौरान अन्य वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा इस तरह के गंभीर विषय पर पुस्तक लिखना राज्य के लिए गर्व की बात है। पुस्तक विमोचन के बाद उपस्थित अतिथियों के साथ संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें न्याय व्यवस्था, कानून और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इस मौके पर संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत, एडवोकेट कंवलजीत,एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह, एडीएम एफआर केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, सिनर्जी हॉस्पिटल के एमडी कमल गर्ग, एडीजे अमित कुमार सिरोही,
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष बलजीत सोनी, एडवोकेट पंकज क्षेत्री, एसपी इंटेलीजेंस मणिकांत मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आर्येंद्र शर्मा, राज्य उपभोक्ता कमीशन की अध्यक्ष कुमकुम रानी, आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर जर्नलिस्ट शिल्पी मदान ने खूबसूरत मंच संचालन किया।
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ये है अतिथियों का परिचय
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा का जन्म वर्ष 1962 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ। उन्होंने वर्ष 1992 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से अपने विधिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद वे नैनीताल आ गए और वर्ष 2009 में वरिष्ठ अधिवक्ता बने।
वर्ष 2017 में उन्हें उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया तथा वर्ष 2018 में वे स्थायी न्यायाधीश बने। उन्होंने वर्ष 2023 में सेवानिवृत्ति तक अपनी सेवाएं उत्कृष्ट रूप से प्रदान कीं। वर्तमान में वे वर्ष 2024 से राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण, चेन्नई पीठ में न्यायिक सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि
आर. शंकरणारायणन
लोयोला कॉलेज और मद्रास लॉ कॉलेज के पूर्व छात्र रहे है। उ
न्होंने वर्ष 1974 में तमिलनाडु बार काउंसिल में कराया। बाद में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर काउंसल) के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और उन्होंने विधि क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय तथा बाद में दक्षिणी क्षेत्र के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने दक्षिण भारत के पाँचों राज्यों के उच्च न्यायालयों में भारत संघ का अनेक महत्वपूर्ण मामलों में प्रतिनिधित्व किया।
वर्तमान में वे कॉरपोरेट कानून, मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) और सिविल मुकदमों के क्षेत्र में प्रैक्टिस कर रहे हैं। साथ ही वे प्रतिष्ठित विधि पत्रिकाओं करंट तमिलनाडु केसेज़ तथा मद्रास वीकली नोट्स (सिविल) के संपादक भी हैं।









