Big Breaking:-सहानुभूति और सियासत खूब लेकिन सहारा नहीं… बेटे के भविष्य से जुड़े सवालों से घिरा सुखवंत का परिवार

किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद परिवार को कई मदद के आश्वासन मिले थे लेकिन अब तक बेटे गुरसेज की पढ़ाई और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

काशीपुर में भूमाफिया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर जान देने वाले किसान सुखवंत के परिवार को सहानुभूति मिली लेकिन सहारा नहीं। वादों और दावों के पूरा होने के इंतजार में उनका परिवार बेटे गुरसेज के भविष्य पर असमंजस में है। उसकी स्कूल फीस अब तक माफ नहीं हुई है।

ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से परेशान होकर बीते जनवरी आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद शासन-प्रशासन, राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने परिवार को सहारा देने के कई वादे किए लेकिन समय बीतने के साथ वे आश्वासन पूरे नहीं हो सके।

मृतक की पत्नी प्रदीप कौर और भाई परविंदर सिंह बताते हैं कि उस समय हर स्तर पर मदद का भरोसा मिला था। खासतौर पर इकलौते बेटे गुरसेज की पढ़ाई निशुल्क कराने की बात कही गई थी। गुरसेज इस समय अलीगंज रोड स्थित एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा नौवीं का छात्र है लेकिन अब तक उसकी फीस माफ नहीं हो सकी है।परिवार की चिंता अब गहराती जा रही है। प्रदीप कौर कहती हैं कि पति के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई है। ऐसे में बेटे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन से संपर्क करने के बावजूद फीस माफी को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

परिजनों ने यह भी कहा कि पुलिस और एसआईटी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है लेकिन उन्हें जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि अब उन्हें केवल न्याय और बेटे के भविष्य की सुरक्षा चाहिए।

पेंशन मिले तो कम हो चिंता

प्रदीप कौर ने शासन-प्रशासन से पेंशन की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे बेटा बड़ा होगा, उसकी पढ़ाई और अन्य खर्च बढ़ते जाएंगे। ऐसे में आर्थिक सहारा मिलना जरूरी है ताकि वह अपने बेटे को बेहतर शिक्षा दिला सकें और परिवार का जीवन संभाल सकें।

गुरसेज की फीस माफी को लेकर स्कूल प्रबंधन से बात हो चुकी है और फीस माफ करा दी गई है। संभव है कि परिजनों को इसकी जानकारी अभी नहीं मिली हो। मैं स्वयं उन्हें इसकी सूचना दूंगा। – अभय प्रताप सिंह, एसडीएम

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