हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों के बीच निहंग जत्थेदार अकाली मान सिंह ने यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।
गोपेश्वर (चमोली)। वर्तमान में संचालित हो रही हेमकुंड साहिब यात्रा पूर्णतः सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से गतिमान है।
पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट मीडिया में हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर भ्रामक, तथ्यहीन और भड़काऊ वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।
इस संवेदनशील विषय पर वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पंजाब से विशेष रूप से पहुंचे निहंग जत्थेदार अकाली मान सिंह ने घांघरिया गोविंदघाट, पुलना के साथ चमोली के पड़ावों में यात्रा के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों से मुलाकात के बाद यात्रा के शांतिपूर्ण संचालित होने की अपील की है।
तरना दल के निहंग जत्थेदार अकाली मान सिंह का कुछ समय पहले हेमकुंड की यात्रा को लेकर पंजाब में नकारात्मक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह यात्रा में आए यात्रियों से बदसलूकी होने पर आक्रोश जता रहे थे।
बताया गया कि वे अपने निहंग जत्थे के साथ पंजाब के कपूरथला से हेमकुंड आए और इस दौरान चमोली जिले में हेमकुंड तक यात्रा पड़ावों में लोगों से मिलकर यात्रा को लेकर जमीनी हकीकत से रूबरू हुए।
उन्होंने गोविंदघाट, पुलना, घाघरिया व हेमकुंड तक पैदल यात्रा की और स्थानीय लोगों, खच्चर संचालकों, व्यापारियों से मुलाकात कर चर्चा भी की।
निहंग जत्थेदार ने यहां से लौटने के बाद गोविंदघाट में वीडियो के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जो तस्वीर हेमकुंड यात्रा को लेकर देश-दुनिया में प्रचारित की जा रही है, वह सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्वयं गोविंदधाम और घांघरिया के मुख्य यात्रा पड़ावों पर प्रवास किया, वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने समस्त सिख संगत से कहा कि स्थानीय पहाड़ी निवासियों और दुकानदारों ने हमेशा से श्रद्धालुओं को अत्यंत आदर और सत्कार दिया है।
यदि हम दूसरों का सत्कार करेंगे, तो हमें भी बदले में सत्कार ही मिलेगा। इंटरनेट मीडिया पर चंद सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से जो नकारात्मकता फैलाई जा रही है, श्रद्धालु उस पर जरा भी विश्वास न करें।
जत्थेदार मान सिंह ने पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से आने वाले युवाओं से विशेष रूप से प्रार्थना की है कि वे इस पवित्र भूमि पर एक अनुशासित ‘यात्री’ और ‘श्रद्धालु’ बनकर आएं, न कि किसी हुल्लड़बाज के रूप में।
पारंपरिक शस्त्र हमारी धार्मिक पहचान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक हैं। इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने या किसी को डराने के उद्देश्य से शस्त्रों का अनुचित प्रदर्शन या गलत उपयोग पूर्णतः वर्जित होना चाहिए।
यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उसके संबंध में तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।
हेमकुंड साहिब की यह पवित्र यात्रा प्राचीन काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के मिलन, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का एक अनुपम उदाहरण रही है।