
वन विभाग की ओर से कुंभ मेला क्षेत्र में जंगली जानवरों को रोकने के लिए दो किलोमीटर आरबीएम से कच्चा गश्त का ट्रैक बनाया जाएगा। इस ट्रैक को बनाने के लिए कुंभ मेला निधि से 40 लाख 99 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
कुंभ में हाथी और गुलदार के पहरे के लिए दो किलोमीटर पैट्रोलिंग ट्रैक बनाया जाएगा। जिस पर वन विभाग की टीम 24 घंटे की गश्त की जाएगी, ताकि जंगली जानवर कुंभ मेला क्षेत्र में घुसकर धार्मिक आयोजनों में खलल न डाल सकें।
दरअसल, जिस क्षेत्र में कुंभ मेले में आने वाले अखाड़ों, साधु-संतों के कैंप लगाए जाने हैं, उस बैरागी कैंप क्षेत्र में जंगली जानवरों की घुसपैठ रहती है। इनमें गुलदार, हाथी, हिरण, सांभर और नील गाय आती रहतीं हैं।
जंगली जानवरों में हाथियों का उत्पात अधिक रहता है, क्योंकि रोजाना हाथी जंगल पार कर किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को खाने के लिए जाते हैं।
जिनसे फसलों और जन सामान्य को खतरा बना रहता है, इसलिए वन विभाग की ओर से कुंभ मेला क्षेत्र में जंगली जानवरों को रोकने के लिए दो किलोमीटर आरबीएम से कच्चा गश्त का ट्रैक बनाया जाएगा। इस ट्रैक को बनाने के लिए कुंभ मेला निधि से 40 लाख 99 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
बजट से बैरागी कैंप के गंगा किनारे नजीबाद पुल तक ट्रैक बनाया जाएगा। ट्रैक तैयार होने पर वन विभाग की टीम को 24 घंटे की गश्त के लिए तैनात किया जाएगा। अगर कोई जानवर कुंभ मेला क्षेत्र में घुस भी जाता है तो उसे ट्रैंकुलाइज करने के लिए टीम ट्रैंकुलाइजर तैनात रहेंगे। पेट्रोलिंग ट्रैक कुंभ संपन्न होने के बाद भी वन विभाग के लिए गश्त के काम में आता रहेगा।
2021 के कुंभ में आ गया था हाथी
2021 के कुंभ मेले में भी एक हाथी रात के समय आबादी क्षेत्र में आ गया था। जिसे वन विभाग की टीम की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद जंगल में खदेड़ा गया था। वन विभाग की ओर से जंगली जानवरों को भगाने वाले स्प्रे का प्रयोग कर हाथी पर काबू पाया गया था। इससे वन विभाग की ओर से बढ़ते मानव-वन्य जीव संघर्ष को देखते हुए ज्यादा सतर्क रहना होगा।
जंगली जानवरों को कुंभ मेला क्षेत्र में रोकने के लिए दो किलोमीटर का ट्रैक गंगा किनारे से बनाया जाएगा। ट्रैक बनने पर वन विभाग की गश्त टीमें तैनात रहेंगी। जिनकी ओर से जंगली जानवरों की निगरानी की जाएगी। -शीशपाल सिंह, रेंजर, हरिद्वार









