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Big Breaking:-पौड़ी: डा. बीपी भट्ट बने उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार के नए कुलपति, मिलेगा अनुभव का लाभ

डा. भगवती प्रसाद भट्ट को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार का नया कुलपति नियुक्त किया गया है।

पौड़ी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार नया कुलपति मिल गया है। विवि के कुलपति पद पर डा. भगवती प्रसाद भट्ट का चयन हुआ है।

वह वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून में निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति प्रो. परविंदर कौशल का कार्यकाल बीते 15 दिसंबर 2025 को पूरा हो गया था। जिसके बाद उन्हें छह माह का सेवा विस्तार मिला था। जो आगामी 15 जून को पूरा होना है।

इस बीच दिसंबर 2025 में कुलपति के पद पर चयन प्रक्रिया शुरू हो गई थी। विवि को कुलपति के पद पर 45 आवेदन मिले थे। चयन समिति ने पांच आवेदनों को शॉर्टलिस्ट कर प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति के समक्ष रखा था।

कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने डा. भगवती प्रसाद भट्ट को कुलपति के पद चयनित किया है। कृषि प्रणाली अनुसंधान एवं कृषि वानिकी के विशेषज्ञ डा. भट्ट के पास अनुसंधान, शिक्षा एवं प्रसार कार्य का 34 वर्ष से अधिक का अनुभव है।

उन्होंने शिक्षण क्षेत्र में 10 वर्ष व विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों में अनुसंधान प्रबंधन के महत्वपूर्ण पदों पर 13 वर्ष से अधिक समय तक सेवाएं दी हैं।

वह आईसीएआर के पूर्वी क्षेत्रीय अनुसंधान परिसर पटना में निदेशक, पूर्वोत्तर क्षेत्रीय अनुसंधान परिसर में संयुक्त निदेशक और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

उन्होंने हाल ही में सचिव कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग ( डीएआरई ) एवं महानिदेशक आईसीएआर के विशेष कार्याधिकारी के रूप में भी सेवाएं दी हैं। डा. भट्ट राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी सहित कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाओं के फेलो हैं।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलसचिव डा. एसपी सती ने बताया कि डा. बीपी भट्ट वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति चयनित हुए हैं। उनके शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों से जुड़े अनुभव से विवि को नई दिशा मिलेगी।

277 शोध पत्र हो चुके हैं प्रकाशित

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के नवचयनित कुलपति डा. बीपी भट्ट के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 277 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 71 पुस्तक अध्याय व 19 पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया है।

डा. भट्ट 42 बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं का संचालन कर चुके हैं। कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनका उल्लेखनीय योगदान है। जिसके लिए उन्हें विभिन्न संस्थाओं द्वारा 18 राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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