
मसूरी में आगामी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्री-एसआइआर कार्यों में लापरवाही सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बावजूद कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों और अधिकारियों ने बीएलओ की नियुक्ति,
सामग्री उपलब्धता और सत्यापन जैसे कार्यों में गंभीर चूक की। इस पर निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी मसूरी ने शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है और भविष्य में ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
देहरादून। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर तैयारियों के बीच मसूरी क्षेत्र से सामने आई लापरवाही ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
भारत निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड के निर्देशों के बावजूद कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारियों द्वारा प्री-एसआइआर (स्पेशल समरी रीविजन) कार्यों में गंभीर चूक मिली है।
इस पर निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी मसूरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है।
खंड शिक्षा अधिकारी को भेजे गए चेतावनी पत्र में निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी/उपजिलाधिकारी मसूरी ने कहा कि 16 सितंबर 2025 से शुरू हुई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में तैनात बीएलओ को समय पर नियुक्त नहीं किया गया।
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित फार्म-17, 18, 19 उपलब्ध होने के बावजूद कई शिक्षण संस्थानों ने बीएलओ को संबंधित सामग्री उपलब्ध नहीं कराई, न ही नामावली सत्यापन, घर-घर सत्यापन और रिपोर्टिंग जैसी अनिवार्य गतिविधियां पूरी कीं।
उपजिलाधिकारी के निरीक्षण में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में बीएलओ को बुलाया तक नहीं गया व कई स्थानों पर कार्य पूरी तरह लंबित मिला।
पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि आयोग ने पहले ही सभी विद्यालयों को निर्देशित किया था कि बीएलओ का संबंधित गतिविधि में विद्यालय प्रशासन का पूर्ण सहयोग अनिवार्य है।
इसके बावजूद यदि विद्यालय बीएलओ को समय पर सहायता उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, तो यह निर्धारित मानकों का उल्लंघन है।
निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित प्रधानाचार्य/प्रशासनिक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।









