
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में तेजी ला रहा है। बर्फबारी से हुए नुकसान और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए एक प्रशासनिक टीम शनिवार को केदारनाथ धाम रवाना होगी।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग, केदारपुरी क्षेत्र और मूलभूत सुविधाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न विभागों को यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
रुद्रप्रयाग। आगामी श्री केदारनाथ यात्रा के सफल, सुरक्षित संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्री केदारनाथ धाम में बर्फ से नुकसान और विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए प्रशासन की टीम शनिवार को केदारनाथ के लिए रवाना होगी।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि प्रशासन व यात्रा से जुड़े अधिकारियों की यह टीम गौरीकुंड से केदारनाथ तक संपूर्ण पैदल यात्रा मार्ग, केदारपुरी क्षेत्र तथा आधारभूत सुविधाओं का परीक्षण करेगी।
बर्फबारी के दौरान हुए नुकसान का आंकलन करेगी। उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं तहसीलदार ऊखीमठ को यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों का निरीक्षण एवं चिह्नीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड गुप्तकाशी को पैदल मार्ग की मरम्मत, बेंच, कूड़ादान, डंडी-कंडी काउंटर, तप्तकुंड आदि कार्यों के लिए आंगणन तैयार करने को कहा गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को रूट सुरक्षा, आपदा पूर्व तैयारियों एवं संवेदनशील वृक्षों के चिन्हीकरण/कटान की कार्रवाई करने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोनिवि रुद्रप्रयाग को रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत वितरण खंड को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने, जल संस्थान को पेयजल, प्याऊ, चरियां एवं स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को गौरीकुंड स्थित डंडी-कंडी काउंटर एवं अन्य यात्रा व्यवस्थाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रीपेड काउंटरों का निरीक्षण, जिला पंचायत को यात्रा मार्ग की साफ-सफाई, ट्रेचिंग ग्राउंड एवं कूड़ादान की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं संचालन व्यवस्था की निगरानी और सभी अधिकारियों को समय से कार्य पूरा करने के लिए योजना तैयार करने को कहा गया है।
साथ ही पैदल यात्रा मार्ग के निरीक्षण के बाद सभी विभागों को विस्तृत कार्ययोजना एवं अभिलेख यात्रा व्यवस्था सेल को उपलब्ध कराने होंगे।








