
अंकिता भंडारी प्रकरण में उत्तराखंड सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद यह निर्देश दिए।
गढ़वाल परिक्षेत्रीय आइजी राजीव स्वरूप ने बताया कि संबंधित सभी दस्तावेज पुलिस मुख्यालय भेजे जा चुके हैं, जो जल्द ही सीबीआइ को सौंपे जाएंगे।
देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआइ जांच की प्रक्रिया को लेकर पुलिस प्रशासन व उत्तराखंड शासन काफी गंभीर हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए अंकिता भंडारी के माता-पिता से वार्ता कर उनके विचारों को सुना और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विवेचना सीबीआइ से कराए जाने के लिए निर्देशित किया।
प्रकरण से संबंधित समस्त अभिलेख गढ़वाल परिक्षेत्रीय कार्यालय से पुलिस मुख्यालय भेजे जा चुके हैं, जो कि शासन स्तर से केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) को भेजे जाएंगे। यह बात पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कही।
शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि पर्यावरणविद, पद्मभूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी की ओर से नौ जनवरी को वसंत विहार थाने में अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआइपी का नाम उजागर करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया।
आरोपों की प्रवृति व प्रकृति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस मुकदमे को सीबीआइ से जांच की संस्तुति की है। इसी संदर्भ में रेंज कार्यालय की ओर से प्रकरण से संबंधित दस्तावेज पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रकरण को लेकर पुलिस प्रशासन व शासन काफी गंभीर है। जिस तरह से असमंजस की स्थिति समाज में उत्पन्न हुई थी, इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की।
पुलिस ने फास्ट ट्रेक मोड में कराई पूरी जांच
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में पुलिस ने फास्ट ट्रेक मोड पर कार्रवाई की। इस मामले में जितने भी आरोपित थे, तत्काल उन्हें जेल भेजा गया।
मुख्यमंत्री की ओर से तत्काल महिला आइपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया गया।
एसआइटी ने पूरी गहनता के साथ प्रकरण की जांच की और तीनों आरोपितों के विरुद्ध ठोस आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कम समय में दोषियों को मिली कठोर सजा
उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रकरण में कम समय में दोषियों को कठोर सजा दिलाई। न्यायालय ने भी यह माना है कि पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष ढंग से की गई है।
उन्होंने जनमानस से भी अपील की है कि यदि उनके पास कोई साक्ष्य हैं तो पुलिस या सीबीआइ को सौंपे। कुछ लोग भ्रम फैलाकर देवभूमि का माहौल खराब करना चाहते हैं, उनके झांसे में न आएं।
शांति व्यवस्था बनाने के लिए व्यापक प्रबंध
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। उत्तराखंड बंद के आह्वान के संबंध में उन्होंने कहा कि लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करें।
यदि कोई हिंसा, आगजनी या बल प्रयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।







