Big Breaking:-ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग पर बड़ी अपडेट, रेल मंत्री बोले- पहले सेक्शन का कार्य पूरा होने को, जल्द होगा शुभारंभ

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड के लिए रिकॉर्ड 4769 करोड़ रुपये के रेल बजट की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग का पहला खंड जल्द ही पूरा होकर लोकार्पित होगा,

जिससे चारधाम यात्रा और गढ़वाल की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। अमृत स्टेशन योजना के तहत 11 स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। राज्य में 39,491 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं।

देहरादून। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेल बजट में उत्तराखंड को रिकार्ड 4769 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 39,491 करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग के पहले सेक्शन का कार्य पूरा होने की ओर अग्रसर है, जल्द इस हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों से वार्ता में केंद्रीय बजट में उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रविधान के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग की मुख्य टनल ब्रेक-थ्रू हो चुकी है। ऋषिकेश से आगे का पहला सेक्शन मंजूरी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जल्द लोकार्पण कर पहले चरण में ट्रेनों का संचालन शुरू कराया जाएगा।

इससे चारधाम यात्रा और गढ़वाल की कनेक्टिविटी के नए अध्याय की शुरुआत होगी। उन्हाेंने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तराखंड में कुल 11 स्टेशनों को रीडेवलप करने के लिए चयनित किया गया है।

स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए 147 करोड़ का कुल निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में ट्रैक निर्माण, स्टेशन रीडेवलपमेंट और सुरक्षा पर भी काम किया जाएगा।

खास तथ्य

  • वर्ष 2014 की अपेक्षा रिकार्ड 26 गुना अधिक हुआ उत्तराखंड का रेल बजट।
  • प्रदेश में 2014 से अब तक 106 फ्लाईओवर-अंडरपास बने, कुल 54 कवच स्वीकृत।
  • वर्ष 2014 से अब तक लगभग 76 किमी. ट्रैक का निर्माण किया जा चुका।
  • राज्य में 100 प्रतिशत विद्य़ुतीकरण, अब तक 334 किमी रेललाइन इलेक्ट्रिक हुईं

संवरेंगे स्टेशन

बजट से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं, रामनगर, रुड़की और टनकपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों का आधुनिकीकरण होगा।

प्रस्तावित रेल परियोजनाएं

  • गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना: 121.76 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की डीपीआर तैयार है और अनुमोदन की प्रतीक्षा में है।
  • टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना: 170.70 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए भी रेलवे बोर्ड से अनुमोदन की प्रतीक्षा है।
  • बागेश्वर-गैरसैंण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन: इन परियोजनाओं में सर्वे रिपोर्ट व विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
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