
बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़े में चर्चित स्कूल का प्रबंधक पुलिस के रडार पर है। पूर्व में भी परीक्षाओं में प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध रही है। पुलिस प्रबंधक की तलाश में जुटी है।
उत्तराखंड की हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अब जांच की आंच एक चर्चित स्कूल प्रबंधन तक पहुंच गई है। प्रबंधक पुलिस के रडार पर आ गया है। उसकी भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल वह भूमिगत है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही मामले में पुलिस गिरफ्तारी भी कर सकती है।
24 फरवरी को रानीपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर महदूद में हाईस्कूल परीक्षा के दौरान डमी परीक्षार्थियों को बैठाने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया था। इस मामले में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें स्कूल प्रबंधन की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो परीक्षा में फर्जीवाड़े में कोतवाली क्षेत्र के ही एक गांव में संचालित स्कूल का प्रबंधक नाम भी सामने आया है। उसका नाम पूर्व में भी परीक्षा संचालन के दौरान चर्चाओं में रहा है। हालांकि तब ठोस साक्ष्य के अभाव में कार्रवाई नहीं हो सकी थी,
लेकिन इस बार छानबीन में तथ्य मिलने के बाद उस पर शिकंजा कसने की तैयारी है। कोतवाली प्रभारी आशुतोष राणा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा विभाग ने बनाई जांच कमेटी
बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले को शिक्षा विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। विभाग ने भी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करते हुए बहादराबाद व भगवानपुर के खंड शिक्षाधिकारी को जांच सौंपी है। सात दिन के अंदर जांच पूरी करते हुए कमेटी को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपनी होगी।









