
अल्मोड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने ऑनलाइन खरीद के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने मीशो और रविंद्र इंडस्ट्रीज को ₹313 के जूते समय पर डिलीवर न करने और नोटिसों की अनदेखी करने के लिए अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया।
कंपनी को मूल राशि 8% ब्याज सहित, मानसिक पीड़ा के लिए ₹10,000, वाद-व्यय के ₹5,000 और अनुचित व्यापार के लिए ₹25,000 का अर्थदंड भरने का आदेश दिया गया, कुल मिलाकर लगभग ₹40,000 का जुर्माना लगा।
अल्मोड़ा। जिला उपभोक्ता आयोग ने ऑनलाइन खरीद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता हितों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कंपनी द्वारा समय पर उत्पाद की डिलीवरी न करना और आयोग के नोटिस की अनदेखी करना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
कंपनी को 40 हजार का जुर्माना लगाते हुए खरीदे सामान की मूल राशि आठ प्रतिशत ब्याज दर से वापस करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता कोमल जोशी ने बीते अाठ माह पूर्व मीशो और रविंद्र इंडस्ट्रीज से ऑनलाइन माध्यम से लेडीज जूते 313 रुपए में खरीदे थे।
भुगतान होने के बावजूद निर्धारित समय में जूते की डिलीवरी नहीं की गई। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार संपर्क और नोटिस भेजे जाने के बावजूद कंपनी ने न तो उत्पाद उपलब्ध कराया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि विपक्षी कंपनी को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन जानबूझकर उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। इसे सेवा में कमी और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने एकतरफा कार्यवाही की।
आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य सुरेश चंद्र कांडपाल ने आदेश दिया कि विपक्षी कंपनी 21 मई 2025 की तिथि से शिकायतकर्ता को 313 रुपए की मूल राशि आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए।
इसके अतिरिक्त मानसिक पीड़ा के लिए 10,000 रुपए का मुआवजा तथा वाद-व्यय के रूप में 5,000 रुपए का भुगतान भी करना होगा। साथ ही, अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाने पर कंपनी पर 25,000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है, जिसे उपभोक्ता हित संरक्षण कोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।









