एसआईआर के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन ड्यूटी कार्यस्थल से दूर लगाए जाने पर शिक्षकों में नाराजगी है। वहीं शिक्षक संगठन ने कहा, शिक्षकों को अवकाश अवधि में गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।
प्रदेश में शिक्षकों की एसआईआर ड्यूटी कार्यस्थल से 50 से 60 किलोमीटर दूर लगा दी गई है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा के मुताबिक गर्मी की छुट्टियों में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा के मुताबिक प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कई किलोमीटर दूर एसआईआर ड्यूटी लगाए जाने से परेशान हैं। शिक्षकों को अपने कार्यस्थल से 50-60 किलोमीटर दूर अन्य स्थानों पर ड्यूटी करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले शिक्षकों की भवन गणना में डयूटी लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और शासन के लिए अवकाश अवधि में शिक्षकों से काम लेना आवश्यक है, तो उन्हें अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह एक महीने का उपार्जित अवकाश दिया जाए। इसके साथ ही कार्यस्थल के आसपास डयूटी लगाई जाए।
हर्बटपुर के शिक्षक की मोथरोवाला लगा दी ड्यूटी
तहसील देहरादून में पहुंचे कुछ शिक्षकों के मुताबिक हर्बटपुर से उनकी ड्यूटी मोथरोवाला लगा दी गई है। तेज गर्मी में कई किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाए जाने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उनकी ड्यूटी कार्यस्थल के आसपास लगाई जाए। वहीं, कुछ अन्य शिक्षिकाओं का कहना था कि सेवानिवृत्ति के कुछ महीने बचे हैं। ऐसे में एक से दूसरी विधानसभा में उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
यह संभव नहीं है, जो जिस बूथ का है उसकी उसी क्षेत्र में ड्यूटी लगाई जानी चाहिए थी। अब देर से इसकी जानकारी दी जा रही है। -डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी