
देहरादून में दो दिवसीय नॉर्थ जोन क्षेत्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है, जिसका केंद्रीय विषय ‘न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ बनाना’ है। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश व विधिक विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल होंगे।
देहरादून। न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, समावेशी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में देहरादून में शनिवार से दो दिवसीय नॉर्थ जोन क्षेत्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है।
मसूरी रोड स्थित होटल ताज में आयोजित इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय ‘न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ बनाना’ रखा गया है। आयोजन राष्ट्रीय वैदिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डूंगराकोटी ने बताया कि सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया तथा विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश और विधिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। विशेष रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष महत्व दे रही है।
दो दिवसीय सम्मेलन में न्याय तक समान और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने, विधिक सेवा तंत्र को मजबूत करने, कारागार सुधार, अंडरट्रायल बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और मानव-केंद्रित विधिक सहायता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में न्यायिक अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और नीति-निर्माता अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। उम्मीद है कि इससे न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में ठोस पहल सामने आएगी।
यह सम्मेलन न्याय के लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और विधिक सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









