
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में आतंकी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। सितारगंज में गिरफ्तार अंतरराज्यीय असलहा तस्करों का संबंध जम्मू-कश्मीर के अलबदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान से निकला है।
रुद्रपुर। माओवाद और खालिस्तानी आतंक के बाद अब कुमाऊं मंडल की शांत वादियों में आतंकी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। सितारगंज में गिरफ्तार अंतरराज्यीय असलहा तस्करों का कनेक्शन जम्मू कश्मीर के अलबदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान से है।
यह उन्हें असलहा बेचते थे, उनके बीच 15 बार ट्रांजेक्शन भी हुआ है। दिल्ली स्पेशल सेल ने वर्ष, 2021 में रेहान के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की थी, जिसकी जांच में पुष्टि हुई कि हरेंद्र सिंह हनी उसे असलहे सप्लाई करता था, इसमें हनी वांछित चल रहा था।
90 के दशक में उत्तराखंड यूपी का हिस्सा था। ऐसे में तब तराई में उग्रवाद (खालिस्तानी) चरम पर था। बाद में धीरे धीरे खालिस्तानी गतिविधियां समाप्त हुई तो बाद में इंटरनेट मीडिया के जरिए इसकी सक्रियता देखी गई।
हालांकि पुलिस समय समय पर इंटरनेट मीडिया में खालिस्तान से जुड़ी पोस्ट लाइक, शेयर करने वालों को चिह्नित कर उनकी काउंसलिंग करते रहती है। लेकिन इससे पहले उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष, 2000 से तराई भाबर में माओवादी गतिविधियां सक्रिय रही।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रीय
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जिले के नानकमत्ता, दिनेशपुर, गदरपुर, चोरगलिया के जंगल और सितारगंज के जंगलों में माओवादी हलचल के साथ ही उनके सब डिविजनों से भी पर्दा उठ चुका है। बीते एक दशक के भीतर ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां तराई भाबर और मंडल के पर्वतीय जिलों में सक्रिय रहे कई फरार इनामी माओवादियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इन सबके बीच अब कुमाऊं मंडल की शांत वादियों में आतंकी गतिविधियों के मामले सामने आने लगे है। इसमें जहां वर्ष, 2020 में यूपी एटीएस ने पंतनगर में रह चुके अलकायदा एजेंट इनामूल हक को बरेली से गिरफ्तार किया है।
वहीं वर्ष, 2022 में बाजपुर और केलाखेड़ा में आतंकी सुखप्रीत उर्फ सुख ने शरण ली थी। वह पाकिस्तान स्थित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के प्रमुख लखवीर सिंह रोडे और भगौड़े गैंगस्टर और खालिस्तानी टाइगर फोर्स से जुड़े अर्शदीप सिंह के संपर्क में था। इस मामले में एसटीएफ और पुलिस ने सुख को शरण देने वाले शमशेर सिंह उर्फ शेरा, हरप्रीत सिंह, गुरपाल सिंह और अजमेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आतंकी सुखप्रीत उर्फ सुख फरार हो गया था।
दिल्ली से टारगेट किलिंग का प्लान
यही नहीं वर्ष, 2023 में दिल्ली से टारगेट किलिंग का प्लान कर रहे हत्या में जेल से पैराल पर फरार यूएस नगर के गूलरभोज निवासी जगजीत सिंह और यूपी निवासी आतंकी नौशाद को गिरफ्तार किया था। दो अक्टूबर 2024 को एनएआइ ने दिल्ली से आइएसआइएस आतंकी शाहनवाज, मोहम्मद अरशद और रिजवान अशरफ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि वह वर्ष, 2021 में नैनीताल जिले के हल्द्वानी और फिर ऊधम सिंह नगर के किच्छा में आए थे।
इधर, गुरुवार को पुलिस और एसओजी ने सितारगंज से असलहा तस्कर सितारगंज निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को पांच असलहे और 300 से अधिक कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार हरेंद्र उर्फ हनी का कनेक्शन अलबदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान से भी है।
हरेंद्र और रेहान को असलहे उपलब्ध कराता था, उनके बीच 15 बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुआ था। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि अलबदर आतंकी संगठन है। रेहान उसका ओवर ग्राउंड वर्कर है, जो आतंकियों को पनाह देने के साथ ही असलहे उपलब्ध कराता था। दिल्ली स्पेशल सेल ने वर्ष, 2021 में रेहान पर प्राथमिकी पंजीकृत की थी, जिसमें हरेंद्र सिंह हनी वांछित था।









