Big Breaking:-उत्तराखंड में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को लेकर हुआ ये बड़ा आदेश, जानें पूरा मामला

उत्तराखंड में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को लेकर हुआ ये बड़ा आदेश, जानें पूरा मामला

उत्तराखंड वित्त विभाग ने अप्रैल महीने की पहली तारीख को वेतन और पेंशन देने का आदेश जारी कर दिया है, कर्मचारियों ने खुशी जताई

देहरादून: वित्तीय वर्ष की समाप्ति के साथ ही एक तरफ जहां विभागीय स्तर पर बजट खर्च का सालाना हिसाब किताब क्लोज कर दिया जाता है, तो वहीं ये महीना कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए थोड़ा चिंता भरा भी रहता है. हालांकि इसी चिंता को देखते हुए इस बार वित्त विभाग ने महीने की पहली ही तारीख को आदेश जारी कर कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की है.

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. हर साल मार्च महीने में वेतन और पेंशन के भुगतान में होने वाली देरी से परेशान रहने वाले लाखों लोगों के लिए इस बार वित्त विभाग ने बड़ा फैसला लिया है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन और नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के बीच आने वाली इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पहली ही तारीख को आदेश जारी कर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है.

दरअसल हर साल मार्च का महीना सरकारी विभागों के लिए वित्तीय रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान एक तरफ जहां पूरे साल के बजट का लेखा-जोखा बंद किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट की प्रक्रिया चलती है. इसी बीच अक्सर बजट की औपचारिक स्वीकृति और धनराशि जारी होने में देरी हो जाती है,

जिसका सीधा असर कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ता है. कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को 15 से 20 दिन तक इंतजार करना पड़ता है और मार्च का भुगतान अप्रैल के अंत तक जाकर हो पाता है.

कर्मचारियों और पेंशनर्स का भुगतान करने के आदेश: इसी समस्या को देखते हुए इस बार उत्तराखंड वित्त विभाग ने समय रहते कदम उठाया है. जारी आदेश में सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बजट की प्रत्याशा में ही कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करें. यानी अब बजट की अंतिम स्वीकृति या धनराशि के औपचारिक जारी होने का इंतजार किए बिना ही भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा.

आय-व्यय का हिसाब पहले ही विधानसभा में पास हो चुका है: आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्ययक अनुदान की मांगें पहले ही विधानसभा से पारित हो चुकी हैं. इसके साथ ही सभी विभागों को वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं. वित्त विभाग ने साफ किया है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है.

इन लोगों को मिलेगा इस आदेश से फायदा: इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा, जो हर साल मार्च में आर्थिक असमंजस की स्थिति का सामना करते थे. खासतौर पर पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के लिए यह देरी काफी परेशानी खड़ी करती थी, क्योंकि उनके दैनिक खर्च इसी राशि पर निर्भर होते हैं. इसी तरह कर्मचारियों को भी महीने के अंत में वेतन न मिलने से घरेलू बजट प्रभावित होता था.

उत्तराखंड ने अपनाया यूपी का मॉडल: गौरतलब है कि इस तरह की व्यवस्था पहले से ही कुछ अन्य राज्यों में लागू है. उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में भी मार्च महीने में कर्मचारियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए बजट की प्रत्याशा में ही भुगतान करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं. अब उत्तराखंड ने भी इसी मॉडल को अपनाते हुए अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने का प्रयास किया है.

राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स ने जताई खुशी: वित्त विभाग के इस आदेश को प्रशासनिक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है. इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा.

साथ ही विभागीय कामकाज पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि समय पर वेतन मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है. वित्त विभाग के किसी आदेश पर राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स ने भी खुशी जाहिर की है.

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