
केंद्रीय बजट 2026-27 में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तराखंड को विशेष लाभ मिलेगा। राज्य में एमएसएमई 13% जीडीपी में योगदान करते हैं और लाखों रोजगार प्रदान करते हैं।
2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप और बायोफार्मा शक्ति योजना भी शामिल है, जिससे फार्मा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। बैंकिंग सुधार समिति से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार की उम्मीद है।
देहरादून। केंद्रीय बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को मजबूती प्रदान करने और एमएसएमई को ‘चैंपियन’ बनाने के उद्देश्य से 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता का प्रविधान किया गया है।
यह कदम देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इससे अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड को अधिक लाभ मिलेगा।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद राज्य में जो एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हुई है, इसमें 13 से 18 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर के उद्योग हैं।
राज्य में 93887 एमएसएमई उद्योगों में 55.588 हजार करोड़ का निवेश हुआ और 4,60,070 लोग को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त है। राज्य की जीडीपी में 13 प्रतिशत की हिस्सेदारी अकेले एमएसएमई की है। पहाड़ी राज्य होने के कारण राज्य सरकार के ज्यादातर नीतियां एमएसएमई सेक्टर को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं।
यह क्षेत्र न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करता है, बल्कि औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी अहम योगदान देता है। बजट में घोषित इस सहायता राशि से एमएसएमई इकाइयों को पूंजी की उपलब्धता बढ़ेगी।
दो हजार करोड़ के टापअप से योजना होगी मजबूत
मोदी सरकार ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये का टापअप भी प्रदान किया है, जिससे पहले से चल रही योजनाओं को और मजबूती मिलेगी। इस टापअप से एमएसएमई सेक्टर को ऋण सुविधा, क्रेडिट गारंटी और वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाओं का अधिक लाभ मिल सकेगा।
बजट में किया गया यह प्रविधान राज्य के एमएसएमई सेक्टर के विकास, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बायोफार्मा शक्ति योजना से मिलेगा फार्मा को ताकत
केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रस्तावित बायोफार्मा शक्ति योजना उत्तराखंड जैसे फार्मा हब राज्य के लिए बड़ी सौगात साबित होगी। बजट में अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रविधान किया गया है।
राज्य फार्मास्युटिकल्स के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि फार्मास्युटिकल उद्योगों के विस्तार, शोध और नवाचार को इससे बढ़ावा मिलेगा। राज्य के देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में पहले से ही 250 से अधिक फार्मा उद्योग संचालित हैं, जिन्हें इस योजना से लाभ मिलेगा।
एमएसएमई ग्रोथ को बैंकिंग सुधार समिति की थी दरकार
बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग सुधार समिति के गठन को एमएसएमई सेक्टर ने एक सकारात्मक और समयोचित कदम माना गया है।
उद्योग संगठनों का कहना है कि वर्तमान में जटिल बैंकिंग प्रक्रियाओं और अनुपालनों (कम्प्लायंसेज) के कारण उद्यमियों को अनावश्यक कागजी कार्यवाही में उलझना पड़ता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की वास्तविक ग्रोथ पर ध्यान नहीं दे पाते।
राज्य में ईज आफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत मिलेगी : गुप्ता
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं का सरलीकरण ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। नई समिति से उम्मीद जताई जा रही है कि वह लोन स्वीकृति, क्रेडिट मूल्यांकन और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर एमएसएमई को राहत देगी।
एक जनवरी, 2026 तक राज्य में एमएसएमई की स्थिति
| जनपद | उद्योग | रोजगार | निवेश (करोड़ रुपये में) |
| नैनीताल | 6437 | 29,494 | 1669.16 |
| यूएस नगर | 12,385 | 84,500 | 4836.32 |
| अल्मोड़ा | 5874 | 15,355 | 344.40 |
| पिथौरागढ़ | 4697 | 11,462 | 180.17 |
| बागेश्वर | 2915 | 6814 | 110.97 |
| चंपावत | 2894 | 8730 | 134.34 |
| देहरादून | 12,197 | 80,999 | 2019.79 |
| पौड़ी | 8905 | 32158 | 988.03 |
| टिहरी | 8623 | 25694 | 859.09 |
| चमोली | 4520 | 10,309 | 173.02 |
| उत्तरकाशी | 5395 | 11565 | 264.74 |
| रुद्रप्रयाग | 3585 | 10,127 | 309.40 |
| हरिद्वार | 15,170 | 1,32,863 | 5741.71 |








