Big Breaking:-केंद्रीय बजट से उत्तराखंड में सड़क-रेल और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

Budget 2026 केंद्रीय बजट से उत्तराखंड में सड़क, रेल, पुल, टनल और रोपवे परियोजनाओं को गति मिलेगी। अवस्थापना विकास के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है, जिससे चारधाम ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं लाभान्वित होंगी।

ग्रामीण कनेक्टिविटी और पर्यटन अवसंरचना के लिए भी विशेष प्रावधान हैं। यह बजट राज्य की प्रमुख जरूरतों को पूरा कर प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

केंद्रीय बजट में जिन मदों पर केंद्र सरकार ने सबसे ज्यादा धन आवंटित किया गया है, उनसे उत्तराखंड में सड़क, रेल, पुल, टनल, रोपवे और ग्रामीण कनेक्टिविटी की रफ्तार बढ़ेगी। अवस्थापना विकास के मद में केंद्र ने बड़ी राशि बजट में रखी है।

सरकार ने सड़क-हवाई यातायात-रोपवे के लिए 5.98 लाख करोड़ रुपये का बजट घोषित किया है। इस मद से राष्ट्रीय राजमार्ग, टनल, पुल, बार्डर रोड, रेलवे-रोपवे परियोजनाओं को गति मिलेगी।

उत्तराखंड में इसका लाभ चारधाम आल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, सीमा सड़कों व टनल को मिलेगा। ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 19,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे अंतिम गांव तक सड़क पहुंचाने, आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण और दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी।

कि रेल, सड़क, पानी, पुनर्निर्माण, ग्रामीण कनेक्टिविटी और पर्यटन अवसंरचना राज्य की सबसे प्रमुख जरूरतें हैं और इन्हीं पर सबसे अधिक धन दिया गया है।

उत्तराखंड में सड़कों के जाल का होगा विस्तार

उत्तराखंड में राजमार्गों का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क करीब 3,723 किमी तक फैल चुका है। टनकपुर-पिथौरागढ़ आल वेदर रोड प्रोजेक्ट के लिये बजट मंजूर है। ऋषिकेश बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। पिछले बजट में सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत राज्य को 453.96 करोड़ रुपये मिले थे।

इसके जरिए 12 नए रास्ते और तीन पुल बनाने का काम शुरू हुआ था। इससे कई जिलों में सड़क नेटवर्क व ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत हुई। वर्ष 2024-25 में 1,210 करोड़ से अधिक की राजमार्ग परियोजनाओं को केंद्र ने मंजूरी दी थी।

राज्य सरकार द्वारा भी चालू किए गए कार्यों में 235 पुलों का उन्नयन शामिल है, जिसका बजट लगभग 1,640 करोड़ है, जिससे पुराने पुलों की क्षमता और आपदा-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। यह परियोजना जुलाई 2026 से लागू होगी। इससे पर्यटन तथा स्थानीय परिवहन दोनों को गति मिलेगी।

रेल टनल व बड़े पुलों की बड़ी उम्मीद कैपिटल आउटले

बजट में रेलवे के लिए किए गए प्रविधानों का सीधा लाभ उत्तराखंड को मिलेगा। बजट में रेलवे कैपिटल आउटले, ट्रांसपोर्ट, रोड्स एंड ब्रिजेज और बार्डर कनेक्टिविटी के लिए बड़े आवंटन किए गए हैं, जो पहाड़ी राज्य की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं को गति देंगे। सबसे बड़ा फायदा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को होगा।

करीब 125 किमी लंबी इस परियोजना में अधिकांश हिस्सा टनल व बड़े पुलों का है, जिसे पूरा करने के लिए जरूरी पूंजी निवेश रेलवे कैपिटल आउटले और ट्रांसपोर्ट हेड से आ सकता है। इस रेल लाइन के बनते ही देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग सीधे रेल मानचित्र पर आ जाएंगे। आगे भविष्य में रेलमार्ग विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।

वहीं कुमाऊं क्षेत्र के लिए प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को भी इसी बजट ढांचे से बल मिलेगा। स्टेशन आधुनिकीकरण और ट्रैक अपग्रेड के लिए किए गए प्रविधानों से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और काठगोदाम स्टेशनों का विकास होगा, पर्यटन और यात्री सुविधाओं में सुधार आएगा।

हवाई कनेक्टिविटी से उत्तराखंड को नई उड़ान

बजट में हवाई अवसंरचना, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और छोटे एयरपोर्ट विकास के लिए बजट का प्रविधान उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए बेहद अहम हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जहां सड़क व रेल पहुंचना कठिन है, वहां हवाई सेवाएं काम आती हैं।

जाैलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार, पंतनगर एयरपोर्ट के उच्चीकरण और पिथौरागढ़ (नैनीसैनी) जैसी हवाई पट्टी के संचालन को इस बजट से गति मिलेगी। छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है, जिससे चारधाम यात्रा, आपदा राहत और पर्यटन को बड़ा सहारा मिलेगा।

उत्तराखंड में सड़क, पुल, रोपवे बनाने को आगे आएंगे निवेशक

बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर जोखिम गारंटी फंड की घोषणा की गई है, जो निजी डेवलपर्स को परियोजनाओं के निर्माण जोखिम से मुक्त करने के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। यह उत्तराखंड जैसे राज्यों में सड़क, पुल, रोपवे तथा मल्टी-माडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट में निजी निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा। इससे तेजी से नये प्रोजेक्ट्स लागू हो सकेंगे।

Ad Ad

सम्बंधित खबरें