
केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ पुरोहितों को वीआईपी गेट पर रोके जाने से उपजे विवाद को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गलतफहमी बताकर शांत कराया।
रुद्रप्रयाग। शुक्रवार को केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर तीर्थ पुरोहितों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हालांकि तीर्थ पुरोहितों के संगठन केदार सभा ने इससे दूरी बनाए रखी।
बताया जा रहा है कि वीआईपी गेट पर तैनात कर्मचारियों द्वारा कुछ तीर्थ पुरोहितों को अंदर जाने से रोका गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के दखल के बाद मामला शांत हो गया।
शुक्रवार सुबह जैसे ही इस घटनाक्रम की सूचना तीर्थ पुरोहितों को लगी। बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित मंदिर परिसर के पास एकत्रित हो गए और बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
तीर्थपुरोहित वीआईपी गेट के पास पहुंचकर वीआईपी गेट बंद करो और वीआईपी सिस्टम खत्म करो जैसे नारे लगाने लगे।
इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और श्रद्धालुओं के बीच भी हलचल देखने को मिली। हालांकि बाद में यह बात सामने आई कि यह स्थिति गलतफहमी के कारण उत्पन्न हुई थी।
करीब डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद मौके पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पहुंचे और उन्होंने तीर्थपुरोहितों से वार्ता की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तीर्थपुरोहित को जानबूझकर रोका नहीं गया है और स्थिति को समझाने का प्रयास किया।
बातचीत के बाद जब स्थिति स्पष्ट हुई तो तीर्थपुरोहितों का आक्रोश शांत हो गया। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ था, जिसे समय रहते सुलझा लिया गया।
वहीं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि कुछ गलतफहमी के कारण स्थिति पैदा हुई, लेकिन बातचीत के बाद मामला शांत हो गया है।









