
बजट 2026 पर उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इसे निराशजनक बताया है.
देहरादून: रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026- 27 पेश किया. उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस बजट को निराशाजनक बताया है. वहीं, हरीश रावत ने कहा यह बजट 2047 के विकसित भारत का नक्शा खींचते-खींचते ग्रामीण भारत को भूल गया है,
गणेश गोदियाल ने केंद्र की मोदी सरकार के आम बजट को दिशाहीन और विकास अवरोधी बताया. उन्होंने कहा यह बजट अपने उद्योगपति मित्रों का पोषक और आम आदमी के हितों के खिलाफ महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला है.
उन्होंने केंद्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक बार फिर से दिशाहीन विकास विरोधी महंगाई को बढ़ाने वाला और देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला बजट पेश किया है.
उन्होंने कहा केंद्रीय बजट में उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों और आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है. देश की वित्त मंत्री ने बजट में एक बार फिर से आंकड़ों की बाजीगरी दिखाई है. उन्होंने आम बजट में तीन कर्तव्यों आर्थिक वृद्धि में तेजी,
जन आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास जैसी कोरी बातें की है. केंद्रीय बजट में सात उच्च गति रेल कॉरिडोर विकसित किए जाने की बात 100 स्मार्ट सिटी विकसित किए जाने जैसे जुमले छोड़े गए.
गोदियाल ने स्मार्ट सिटी मिशन, प्रदूषण, स्वास्थ्य और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पूर्व में बजट की तरह किसानों और आम आदमी की आय में वृद्धि जैसी कोरी घोषणाएं करके उन्हें बरगलाने की कोशिश की गई है. इस बार फिर से बजट में तीन कर्तव्य के रूप में नया जुमला छोड़ा गया है.
यह बजट न तो कोई दिशा दिखाता है और ना ही किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है. इस बजट में प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है केवल केंद्र की मोदी सरकार ने वास्तविक और जालंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की है.
केंद्रीय बजट में महंगाई कम करने की कोई बात नहीं की गई, जहां एक तरफ महंगाई से जनता के सिर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. देश का आम आदमी विदेशी कर्ज के बोझ तले दब रहा है.
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बजट में योजना और कार्यक्रमों के बजट यह आवंटन में पारदर्शिता का अभाव रहा. बजट के प्रावधानों से देश की खस्ता हाल अर्थव्यवस्था में विकास दर दहाई का आंकड़ा भी नहीं छु पाएगी.
केंद्र सरकार कृषकों आम आदमी की आय बढ़ाने की बात करती है लेकिन इन वर्गों की आय में वृद्धि करने का कोई प्रावधान बजट में नहीं किया गया. बजट में गरीब किसान और युवा वर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई है.
कांग्रेस का कहना है कि केंद्रीय आम बजट में उत्तराखंड को एक बार फिर से निराशा हाथ आई है. आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड राज्य की देवीय आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया.
इसके अलावा केंद्र सरकार ने अपने बजट में उत्तराखंड जैसे आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य को रेल और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं किया है.









