
उत्तराखंड में जंगल की आग बुझाने वाले 7190 वनकर्मियों को अब अग्निरोधी सूट और विशेष किट मिलेगी। यह कदम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
देहरादून। जंगलों में आग पर काबू पाने को जुटने वाले वनकर्मी अब धधकती लपटों के बीच सुरक्षित रहेंगे। आग पर नियंत्रण के दृष्टिगत उनकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी कड़ी में राज्य के वन क्षेत्रों में स्थित 1438 क्रू-स्टेशन में तैनात 7190 कर्मियों को विशेष किट दी जा रही है, जिसमें अग्निरोधी सूट भी शामिल है। अभी तक 2500 कर्मियों को यह किट दी जा चुकी है और मार्च के आखिर तक सभी को इसे मुहैया कराने का लक्ष्य है।
71.05 प्रतिशत वन भूभाग वाले उत्तराखंड के जंगलों में हर साल ही बड़े पैमाने पर वन संपदा आग की भेंट चढ़ जाती है। हाल के वर्षों में आग बुझाने के प्रयासों के दौरान वन कर्मी भी इसकी चपेट में आकर घायल हुए हैं। इसे देखते हुए वन विभाग के फील्ड स्टाफ के लिए बेहतर सुरक्षा उपकरणों की मांग उठ रही थी।
अभी तक वनकर्मी सूती या नायलान की वर्दी में आग बुझाते थे, जो काफी जोखिम भरा था। यही कारण भी है कि विभाग ने इस बार वनकर्मियों को अग्निरोधी सूट समेत अन्य सामग्री मुहैया कराने का निर्णय लिया, ताकि सुलगते जंगलों को बचाने के दौरान वे सुरक्षित रह सकें।
इसी के दृष्टिगत विशेष किट का खाका खींचा गया, जो अब वनकर्मियों का उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन सुशांत पटनायक के अनुसार इस विशेष किट में अग्निरोधी सूट के अलावा हेल्मेट, मौजे, फायर फाइटिंग बूट, दस्ताने व पानी की बोतल शामिल हैं।
अग्निरोधी सूट भीषण गर्मी और आग की लपटों के सीधे प्रभाव को झेलने में सक्षम हैं। साथ ही इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि पहाड़ की ढलानों पर चढ़ते व उतरते समय वन कर्मियों को वजन महसूस न हो। उन्होंने कहा कि क्रू-स्टेशन में तैनात वनकर्मियों को यह किट दी जानी है और इसका वितरण भी प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रत्येक फायर वाचर का 10 लाख का बीमा
फायर सीजन के लिए इस बार गढ़वाल मंडल में 3003 और कुमाऊं मंडल में 2620 फायर वाचर की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक फायर वाचर का 10 लाख रुपये का सामूहिक जीवन बीमा किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक पटनायक ने बताया कि इस संबंध में सभी वन प्रभागों के डीएफओ को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।







