Big Breaking:-बागेश्वर में ओलावृष्टि से सब्जी फसलें तबाह, आंधी-तूफान से 80 गांवों में बिजली गुल

बागेश्वर में पिछले दो दिनों से बदले मौसम के मिजाज के कारण धूर और सोराग क्षेत्र में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे सब्जी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा और किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई। तेज आंधी-तूफान और बारिश के बाद जिले में 80 से अधिक गांवों में बिजली गुल रही।

बागेश्वर। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। बुधवार अपराह्न लगभग एक बजे धूर तथा सोराग क्षेत्र में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे सब्जी उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।

लगातार हो रही बारिश से आम लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है, वहीं गेहूं कटाई तथा मढ़ाई का काम भी प्रभावित हुआ है। बुधवार को सुबह मौसम सुहावना रहा।

दोपहर एकाएक बादल छा गए। तेज हवाएं चलने के साथ ही कपकोट के उच्च हिमायली गांवों में जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। इन दिनों पहाड़ में गेहूं कटाई के साथ-साथ सब्जी उत्पादन का कार्य भी जोरों पर चल रहा है। साथ ही शादी-विवाह का सीजन भी चरम पर है। ऐसे में मौसम के लगातार खराब रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

धूर तथा सोराग क्षेत्र में लगभग एक घंटे तक तेज ओलावृष्टि होती रही। जिससे ओलों की मार से प्याज, आलू, धनिया समेत बेल वाली सब्जियों जैसे कद्दू, लौकी, तुरई आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी फसल बर्बाद हो गई।

किसान गंगा सिंह दानू, राम सिंह दानू, प्रमोद सिंह, किशन सिंह ने बताया कि उनकी तीन महीने की मेहनत महज एक घंटे की ओलावृष्टि में बर्बाद हो गई। उन्होंने तहसील प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

इधर, बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तथा अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि राजस्व विभाग ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करेगा तथा फसल बीमा के तहत किसानों को मुआवजा मिल सकेगा।

आंधी-तूफान के बाद शहर से गांव तक रातभर गुल रही बिजली


बागेश्वर : मंगलवार की देर सायं आए तेज आंधी-तूफान तथा बारिश के बाद जिले में शहर से लेकर गांव तक रातभर बिजली गुल रही, जिससे 80 से अधिक गांवों के उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में देर रात से लेकर बुधवार सुबह तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।

नगर के कांडा रोड दुग बाजार, चौरासी, ठाकुरद्वारा वार्ड, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, पीपल चौक, पिंडारी रोड, राम मंदिर क्षेत्र सहित कई स्थानों से लोगों ने बिजली गुल होने की शिकायत की। ठाकुरद्वारा वार्ड के निवासियों ने बताया कि आंधी-तूफान के बाद से ही बिजली आपूर्ति बाधित है। राम मंदिर के आसपास रात तीन बजे से बिजली नहीं होने के कारण लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी।

मंडलसेरा क्षेत्र में बिजली बाधित होने से पंपिंग व्यवस्था भी ठप हो गई, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पंपिंग आईपीएस से टाप तक बंद है और संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा। पिंडारी रोड स्थित ठाकुरद्वारा वार्ड में आईडीबीआई बैंक के पास एक लकड़ी का बिजली पोल नीचे से टूटने के कगार पर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने तत्काल इसे हटाने और सुरक्षित व्यवस्था की मांग की है। उधर, दुगनाकुरी तथा कांडा तहसील क्षेत्र में बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से 80 से अधिक गांवों की बिजली 24 घंटे से अधिक गुल रही।

यूपीसीएल के एसडीओ ई. आनंद खोलिया ने बताया कि तेज अंधड़ तथा बारिश के कारण कई जगह विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। 20 पोल क्षतिग्रस्त हैं। विभाग को लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। विभागीय स्टाफ लगातार लाइनों की जांच में जुटा है।

गीले पोलों पर चढ़ना लाइनमैन के लिए जोखिम भरा है, फिर भी जैसे-जैसे फसल्ट मिल रहे हैं, विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

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