
देहरादून में साइबर ठगों ने एक वरिष्ठ नागरिक को एसबीआई योनो ऐप ठीक करने का झांसा देकर 11 लाख रुपये ठग लिए।
देहरादून। साइबर ठगों ने एक बार फिर दून के वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाया है।
एसबीआइ योनो एप में सुधार का झांसा देकर साइबर ठग ने पूरी डिटेल ले ली और खाते से 11 लाख रुपये उड़ा दिए।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1930 के साथ वसंत विहार थाने में तहरीर दी गई। थानाध्यक्ष वसंत विहार अशोक राठौर ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ नागरिक अरुण अग्रवाल निवासी महारानी बाग रोड आशीर्वाद एन्क्लेव ने बताया कि चार अप्रैल को एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और खुद को मुंबई एसबीआइ योनो मुख्य कार्यालय में कार्यरत बताया।
ठग ने उनसे कहा कि आपका योनो एप सही से काम नहीं कर रहा है, जिसकी शिकायत आई है। वह तत्काल योनो एप को ठीक करके देगा।
इसके बाद ठग ने वाट्सएप काल कर गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके साथ ही ठग ने उनसे एक अन्य बैंक खाता आइसीआइसीआइ के बारे में भी जानकारी हासिल कर ली और खाते से 11 लाख रुपये उड़ा दिए।
पीड़ित ने बताया कि उन्हें धनराशि निकलने के मैसेज आए तो उन्होंने व्यक्ति से शिकायत की। आरोपित ने कहा कि धनराशि जल्द ही आपके बैंक खाते में आ जाएगी।
इसके बाद उसने फोन काट दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने जब व्यक्ति को फोन किया तो उसका फोन नहीं मिला। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपना डेबिट कार्ड व एप बंद करवा दिया।
ऐसे करें बचाव
- बैंक कभी भी फोन पर केवाईसी या योनो एक्टिवेशन के लिए पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर एनी डेस्क या टीम व्यूवर जैसे एप कभी डाउनलोड न करें, इससे ठग आपका फोन एक्सेस कर सकते हैं।
- यूपीआइ पिन, एमपिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- बैंक से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सीधे अपनी बैंक शाखा जाएं या आधिकारिक एप का उपयोग करें।
- यदि ऐसा कोई काल आए तो तुरंत 1930 पर काल करके साइबर क्राइम विभाग को सूचित करें।









