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Big Breaking:-बर्ड फ्लू से एक सप्ताह में 2000 से अधिक मुर्गियों की मौत, पंत विवि के आसपास चिकन की बिक्री बंद

बर्ड फ्लू से एक सप्ताह में 2000 से अधिक मुर्गियों की मौत, पंत विवि के आसपास चिकन की बिक्री बंद

पंत विवि के नगला डेरी स्थित शैक्षणिक कुक्कुट फार्म में 13 से 19 अगस्त के बीच 2000 से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। अब पंत विवि के कुक्कुट फार्म और आसपास चिकन की बिक्री बंद की गई हैं।

जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर के नगला डेरी स्थित शैक्षणिक कुक्कुट फार्म में 13 से 19 अगस्त के बीच 2000 से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है।

इन्हें वैज्ञानिक तौर-तरीकों से दफनाने के बाद कुछ नमूनों को जांच के लिए आईवीआरआई बरेली (यूपी) भेजा गया था। इसमें उनकी मौत बर्ड फ्लू (एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस) से होना पाया गया है।

विवि के पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की संख्या लगभग 16 हजार के आसपास बताई जाती थी। 13 अगस्त को लगभग 150 मुर्गियों के मरने से इसकी शुरूआत हुई। जो आज बढ़ते-बढ़ते लगभग 500 मुर्गी प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है।

फार्म के सह निदेशक डाॅ. रिपुसूदन कुमार के अनुसार एहतियातन चिकन की बिक्री और आगंतुकों का प्रवेश बंद कर प्रतिदिन पोल्ट्री को सैनिटाइज कराने सहित चूने का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही फार्म में सभी 22 कर्मियों को निशुल्क कोविड किट, मास्क, स्लैक्स, लांग बूट उपलब्ध करवाकर कंपल्सरी कर दिया गया है।

मुर्गियों को पानी बर्तन में न परोसकर सीधे दिया जा रहा है। इसके अलावा डीन वेटरिनरी की अध्यक्षता में गठित कमेटी स्थिति पर नजर रख रही है।

यूपी के रामपुर जिले के बिलासपुर विकासखंड में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद उससे सटे उत्तराखंड के यूएस नगर में बर्ड फ्लू ने पंतनगर विवि सहित अन्य जगहों पर पैर पसार लिए हैं।

इससे जिला और विवि प्रशासन एक्शन में आ गया है। किच्छा के किशनपुर में एक पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों के मरने की सूचना पर एसडीएम गौरव पांडे के नेतृत्व में पहुंची तहसील, नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने फार्म को सैनिटाइज करवाने के बाद तीन माह के लिए सीज कर दिया था।

इतना क्षेत्र माना जाता है इन्फेक्टेड जोन
एसडीएम किच्छा गौरव पांडेय ने बताया कि जारी गाइडलाइन के अनुसार बर्ड फ्लू में एक किलोमीटर का क्षेत्र इन्फेक्टेड जोन माना जाता है।

जबकि 10 किलोमीटर का क्षेत्र सर्विलांस जोन माना जाता है। इस क्षेत्र में मुर्गी, मुर्गा के परिवहन सहित बाजार में इसके मांस की बिक्री पर रोक लगा देनी चाहिए। इनफेक्टेड जोन में 21 दिन तक माॅनीटरिंग पीरियड रहता है।

क्षेत्र में प्रतिबंध एसडीएम पांडे ने बताया कि क्षेत्र में बर्ड फ्लू पॉजिटिव आने के बाद से 10 किमी के हिस्से में मुर्ग-मुर्गे के परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

नगर पालिका और पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिया गया है। क्षेत्र की जनता से अपील हैं कि कुछ दिनों तक मुर्गी-मुर्गे के मांस और अंडे का सेवन न करें।

ऐसे करें मरी मुर्गियों का प्रबंधन डाॅ. रिपुसूदन ने बताया कि मरी मुर्गियों को सिर्फ दफनाएं। अन्यथा संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा। पांच-छह फुट का गड्ढा खोदकर पहले चूना,

फिर मरी मुर्गियां और उसके ऊपर नमक और केएमएनओ-4, सोडियम हादपोराइड, फार्मलीन और बिरकाॅन रसायन का छिड़काव कर मिट्टी से बंद कर दें। भूलकर भी बीमारी से मृत मुर्गियों या उनके मांस को बाजार में न भेजें।

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