उत्तराखंड का रहस्यमयी कंडोलिया मंदिर, जहां दुल्हन कंडी में लाई थी देवता की मूर्ति :
Uttarakhand Temple: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में स्थित कंडोलिया मंदिर एक रहस्यमयी देवता को समर्पित है, जिसे न्याय देवता के रूप में पूजा जाता है।
देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवताओं का वास है। यहां इष्ट देव पूजन का अपना ही महत्व होता है।
हर नया कार्य शुरू होने से पहले उत्तराखंड के लोग अपने इष्ट को याद करना नहीं भूलते हैं। यहीं नहीं घर में बड़ी खुशी होने पर जागर लगाकर अपने देवता का धन्यवाद भी करते हैं। आज दैनिक जागरण आपको एक ऐसे ही रहस्यमयी देवता के बारे में बताने जा रहा है।
कुमाऊं से गढ़वाल में हुआ था विवाह
उत्तराखंड राज्य दो मंडलों में बंटा हुआ है। कुमाऊं और गढ़वाल। गढ़वाल मंडल के पौड़ी शहर में ऊंची चोटी पर कंडोलिया मंदिर स्थित है। मान्यता है कि सालों पहले कुमाऊं की एक युवती का विवाह पौड़ी गांव में हुआ था। वह युवती मायके से अपने इष्ट देवता को कंडी (छोटी टोकरी) में रखकर लाई थी।
एक रात गांव के एक व्यक्ति के सपने में भगवान ने दर्शन दिए और अपना मंदिर बनवाने को कहा। स्थापना के बाद से ही कंडोलिया मंदिर न्याय देवता के रूप में प्रसिद्ध हो गए। उन्हें कंडोलिया देवता के नाम जाना जाने लगा और गांव वालों ने भी उनकी पूजा शुरू कर दी।
मंदिर में हर साल तीन दिवसीय पूजा और विशाल भंडारा आयोजित किया जाता है। मंदिर में होने वाले सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होता है। कंडोलिया देवता किसी भी पूर्व नुकसान या संकट की सूचना या चेतावनी दे देते हैं।