उत्तराखंड में बदला मौसम: पहाड़ों पर हुई बर्फबारी, भारी बारिश से पिथौरागढ़ के स्कूल बंद; छह जिलों में यलो अलर्ट जारी
उत्तराखंड में बारिश और ऊंची चोटियों पर हिमपात से मौसम का मिजाज बदल गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। नैनीताल समेत छह जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है, कई सड़कें बंद हैं और पिथौरागढ़ में स्कूल बंद रहे।
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बारिश और बादलों के बीच ऊंची चोटियों पर हिमपात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। निचले इलाकों में वर्षा के दौर जारी हैं। हालांकि, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला धीमा पड़ गया है। मौसम विभाग ने आज नैनीताल समेत छह जिलों में आज गर्जन के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
पिथौरागढ़ में रात से बारिश जारी है, जिसके कारण 23 रास्ते बंद हैं। आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में छुट्टी की गई है।पिथौरागढ़ चीन सीमा का तीसरे दिन भी संपर्क भंग रहा है। नैनीताल में बीते 24 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। यहां एक सप्ताह से झील के निकासी द्वार खुले हुए हैं। नैनीताल में करीब 23 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही बंद है।
आज नैनीताल समेत छह जिलों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों का डेरा रहा। कुछ इलाकों में बौछारें पड़ीं, जबकि दोपहर बाद हल्की धूप खिलने से उमस भी महसूस की गई। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की पहाड़ियों पर हल्का हिमपात हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं, जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
बिजली चमकने की भी आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के सभीg यलो अलर्ट जारी किया है। सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी आशंका है।
चीन सीमा से लगे गांवों का संपर्क कटा
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में रविवार को दिनभर तेज वर्षा हुई। पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की ऊंची चोटियों पर सुबह हल्का हिमपात दर्ज किया गया। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पांच स्थानों पर बंद है। प्यलसीती के पास मार्ग बह गया है, जबकि नारायण आश्रम मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा।
करीब 35 हजार की आबादी प्रभावित
कूलागाड़ के पास हाईवे बंद होने से चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदास घाटियां अलग-थलग पड़ गई हैं। इससे करीब 35 हजार की आबादी प्रभावित है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद होने से मल्ला जोहार घाटी के 13 गांवों समेत डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क भी कट गया है।