ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की पहली निकास सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू हो गया है, जिससे निर्माण कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तिरंगा लेकर खुशी मनाई।
ऋषिकेश। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की पहली टनल की निकास सुरंग शुक्रवार को आर-पार (ब्रेकथ्रू) हो गई। सुरंग आर-पार होने पर निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तिरंगा लेकर खुशी मनाई। अब मुख्य सुरंग को आरपार करने की तैयारी और तेज की जा रही है।
रेल परियोजना में कुल 28 सुरंग हैं। मुख्य सुरंगों के समानांतर निकास सुरंग भी बनाई जा रही है। जिससे आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके। निकास सुरंगों में एंबुलेंस, छोटे वाहन चल सकते हैं। मुख्य सुरंग में ट्रेनों का आवागमन होना है। 22 सुरंगों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना की पहली सुरंग ढालवाला से शिवपुरी तक करीब दस किलोमीटर की है। इसमें नीर गडडू से शिवपुरी वाले हिस्से में काम हो चुका है। ढालवाला से नीर गडडू के बीच सुरंग खोदाई में सबसे अधिक दिक्कत आ रही थी। परियोजना के सबसे जटिल और संवेदनशील हिस्से में यह सुरंग है। जहां बड़ी भूगर्भीय दरार है।
अलग-अलग हिस्सों में सुरंग के अंदर जलस्रोत हैं। खासतौर से खारास्रोत और नीर में कई स्रोत हैं। आरवीएनएल और सुरंग खोदाई का काम कर रही मैक्स इंफ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियरों ने बेहद संभलकर काम किया। शुक्रवार शाम तीन बजे निकास सुरंग को आर-पार कर दिया गया। सुरंग के आर-पार होते ही निर्माण कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों ने तिरंगा हाथ में लेकर सफलता पर खुशी मनाई।
कंपनी के परियोजना प्रबंधक निशीथ शर्मा ने बताया कि करीब 5.5 किमी की निकास सुरंग को ब्रेकथ्रू कर दिया गया है। इसमें कई जटिलताएं थीं, काम सफलता से पूरा कर लिया गया है। आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक सिविल ओपी मालगुड़ी ने बताया कि निकास सुरंग आर-पार हो गई है। मुख्य सुरंग पर काम तेजी से चल रहा है।
परियोजना पर एक नजर
- कुल लंबाई – 125 किलोमीटर
- नए स्टेशन – 12
- यात्री ट्रेनों की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा
- मालागाड़ियों की अधिकतम गति 65 किमी प्रति घंटा
- पुलों की संख्या – 19
- मुख्य निकास सुरंगों की कुल लंबाई -213 किमी