कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन ने उत्तराखंड में पंचायत से लेकर छात्र संघ चुनावों तक प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण पर गंभीर सवाल उठाए।
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने प्रदेश में विभिन्न चुनावों की प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ग्राम पंचायत से लेकर निकाय, सहकारिता और छात्र संघ चुनावों तक प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में काजी निजामुद्दीन ने कहा कि लोकसभा व विधानसभा चुनावों में तो वोट चोरी हो ही रही है, राज्य में पंचायत, निकाय, सहकारिता से लेकर छात्र संघ चुनावों की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में है।
उन्होंने नारसन ब्लाक की ग्राम पंचायत नाथूखेड़ी के प्रधान पद के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि एक प्रत्याशी सुशील कुमार के पक्ष में परिणाम आने के बाद आठ बार मतगणना कराई गई और आठवीं गणना में परिणाम बदल गया।
इसी प्रकार मंगलौर नगर पालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व अध्यक्ष चौधरी इस्लाम का नामांकन इस शिकायत के आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका नजूल भूमि पर कब्जा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं था।
उन्होंने सहकारिता चुनाव की घोषणा के बाद परिसीमन बदलने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने डीएवी पीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव चुनाव में छात्र नेता विनीत भट्ट की गिरफ्तारी पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए इसे चुनाव प्रभावित करने का प्रयास बताया।
एसआइआर से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले कांग्रेस प्रत्येक मतदाता के अधिकार की सुरक्षा चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रबंधन की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है।
उन्होंने भाजपा से भी युवाओं को स्वस्थ लोकतांत्रिक मूल्यों की सीख देने की अपील की। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, राजेंद्र शाह, डा प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, सुलेमान अंसारी आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे।