कुछ पत्रकारों की खबरों में सुर्खियों में आबकारी इंस्पेक्टर, बाकी पत्रकारों को लेकर उठे सवाल
देहरादून से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और मीडिया से उसके व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक आबकारी इंस्पेक्टर कुछ चुनिंदा पत्रकारों की खबरों में लगातार सुर्खियों में नजर आती हैं, जबकि अन्य पत्रकारों को कथित तौर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा।
इसी रवैये को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मैडम के तेवर इतने तीखे क्यों हैं और क्या विभागीय जानकारी देने में भी कोई भेदभाव किया जा रहा है? हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
देहरादून में आबकारी विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। आरोप है कि विभाग की एक महिला आबकारी इंस्पेक्टर का रवैया कुछ पत्रकारों के प्रति अलग और अन्य पत्रकारों के प्रति अलग नजर आता है।
कुछ पत्रकारों की खबरों में जहां इंस्पेक्टर लगातार सुर्खियों का हिस्सा बनती दिखाई देती हैं, वहीं अन्य पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें खबरों से संबंधित जानकारी और विभागीय प्रतिक्रिया हासिल करने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता।
अब सवाल यही है कि क्या विभागीय अधिकारियों और मीडिया के बीच संवाद सभी पत्रकारों के लिए समान होना चाहिए या फिर खबरों के आधार पर अलग-अलग व्यवहार किया जा सकता है?
फिलहाल मामले में संबंधित आबकारी इंस्पेक्टर का पक्ष सामने आना बाकी है। उनका पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।